ह्यूमिक एसिड क्या है ? फायदे,उपयोग और घर पर बनाने की पूरी विधि I Humic Acid in Farming I

📌 Humic Acid Farming Guide – India

स्थान: भारत | उत्तर प्रदेश | ग्रामीण खेती क्षेत्र। 

विषय: ह्यूमिक एसिड क्या है, फायदे, उपयोग और घर पर बनाने की विधि

किसके लिए उपयोगी: किसान, जैविक खेती करने वाले, सब्जी एवं फल उत्पादक

मुख्य लाभ:
✔ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाए
✔ जड़ों की वृद्धि तेज करे
✔ उत्पादन में 10–20% तक वृद्धि
✔ रासायनिक खाद की जरूरत कम करे

फसलें: धान, गेहूँ, सब्जियाँ, फलदार पौधे

उपयुक्त क्षेत्र: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब सहित पूरे भारत में उपयोगी।

मिट्टी प्रकार: दोमट, बलुई दोमट, काली मिट्टी, हल्की क्षारीय भूमि

मौसम: खरीफ, रबी और जायद – तीनों सीजन में प्रभावी

AI Generated फोटो:

ह्यूमिक एसिड (humic-acid-kya-hai) क्या है,जिसके उपयो से पौधों और मिट्टी की जीवंशक्ति बढ़ती है।
ह्यूमिक एसिड मिट्टी की संरचना बलकर वापस उपजाऊ शक्ति प्रदान करती है 


प्रस्तावना (Introduction)

आज बात करेंगे मिट्टी की उर्वरता के बारें में जो तेजी से कम होती जा रही है,लेकिन इस उर्वरता को फिर से पाया जा सकता है। वो भी बिना रासायनिक उर्वरक और अन्य रासायनिक उत्पाद के ही। क्योंकि इन रासायनिक उत्पादों के करण ही तो मिट्टी की उर्वरता कम होती है। अतः पूर्ण रूप से प्राकृतिक और बिल्कुल सस्ता विधि जिसके माध्यम से मिट्टी की उर्वरता को आसानी से बढ़ा सकते है,और वो है 'ह्यूमिक एसिड'। 

हमने पिछले लेख -Zero Budget Natural Farming : क्या सच में 1 गाय से 30 एकड़ खेती संभव है ? जानिए पूरा सच- में 'जीवामृत' की बात की थी जिसको बहुत लोग पढे भी होंगे। उसी का ये आधुनिक और प्रचलित रूप है लेकिन यह जीवामृत नहीं है और दोनों में कुछ मूलभूत अंतर है।  

"ह्यूमिक एसिड' जिसे अक्सर "मिट्टी का टॉनिक" या Soil Conditioner भी कहा जाता है क्योंकि यह मिट्टी की सेहत सुधारकर फसल की पैदावार को बढ़ाता है। 

इस लेख में हम बारीकी से जानेंगे कि ह्यूमिक एसिड क्या है,फसलों में इसे कैसे प्रयोग करें,घर पर आसानी से कैसे बनाए और माइकोराइजा से कैसे अलग है। और उम्मीद है कि आप इसका फायदा जरूर उठायेंगे जिससे हमें हमारे मेहनत का फल मिल सके। 
 

ह्यूमिक एसिड क्या होता है ?

ह्यूमिक एसिड एक प्राकृतिक कार्बनिक पदार्थ है जो सूखे पत्तों,गोबर,कंपोस्ट,पीट और लाखों साल पुरानें जैव पदार्थों के सड़ने से बनाया जाता है। ह्यूमिक एसिड सीधे पौधों को खाना नहीं देता है,बल्कि मिट्टी को इतना अच्छा बना देता है कि पौधा खुद ज्यादा खाना ले सकें। 

जब पेड़ पौधे और सूक्ष्मजीव मर जाने के बाद जब मिट्टी में दब जाते है, तो लाखों वर्षों की अपघटन (Decomposition) प्रक्रिया के बाद वे 'ह्यूमस' में बदल जाते है। इसी ह्यूमस का सबसे सक्रिय हिस्सा 'ह्यूमिक एसिड' कहलाता है। 

ह्यूमिक एसिड मिट्टी में 'कीलेशन' (Chelation) की प्रक्रिया करता है। सरल भाषा में कहा जाय तो, यह मिट्टी में जमें हुए उन पोषक तत्वों को खोल देता है जिन्हे पौधे सीधे नहीं सोख पाते है। यह उन्हें ऐसे रूप में बदल देता है कि पौधे आसानी से पी सकें। 

➢क्या यह उर्वरक है ?
नहीं! ये तकनीकी रूप से उर्वरक नहीं है क्योंकि इसमें यूरिया,DAP की तरह सीधे पोषक तत्व बहुत कम होते है। इसे आप एक 'बायो-स्टिमुलेटर' कह सकते है,जो मिट्टी की सेहत को सुधार कर उर्वरकों की कार्यक्षमता को बढ़ा देता है। 

ह्यूमिक एसिड के फायदे

खेती-बारी और बागवानी में ह्यूमिक एसिड को एक बेहतरीन 'सॉइल कंडीशनर' के रूप में देखा और जाना जाता है। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित है -

1. मिट्टी के लिए फायदा:

अभी तक के विवरण से ही मालूम चल गया होगा की ह्यूमिक एसिड मिट्टी के लिए जादुई फायदा पहुंचाता है। 
  • मिट्टी की संरचना में सुधार: यह सख्त और चिकनी मिट्टी को नरम और भुरभुरा बनाता है,जिससे पौधों की जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल पाता है। 
  • जल धारण क्षमता: यह मिट्टी की पानी को सोखने (Water Retention) और उसे लंबे समय तक रोके रखने की शक्ति को बढ़ाता है,जिससे सिंचाई की कम जरूरत पड़ती है। 
  • मिट्टी का PH संतुलन: यह मिट्टी के PH मान को नियंत्रित करने में मदद करता है,जिससे मिट्टी न तो बहुत अधिक अम्लीय और न ही बहुत अधिक क्षारीय हो पाती है। 


2. पौधों के लिए लाभदायक:

पौधों के विकास (Plant Growth) में ह्यूमिक एसिड निम्न फायदा पहुंचाता है -
  • जड़ों का बढ़िया विकास: ह्यूमिक एसिड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पौधों की 'सफेद जड़ों' के विकास को तेज करता है,जिससे पौधा अधिक मजबूत बनता है। 
  • प्रकाश संश्लेषण: यह पौधों में क्लोरोफिल की मात्रा को बढ़ाता है,जिससे पत्तियां अधिक हरी-भरी रहती है और पौधा अपना भोजन बेहतर तरीकें से बना पता है।  
  • तनाव से बचाव: अत्यधिक गर्मी,सर्दी या सूखे जैसी विपरीत परिस्थितियों में यह पौधों को जीवित रहने की शक्ति प्रदान करता है। 
  • सूखा सहने की क्षमता: उपरोक्त कारणों से पौधों में मजबूती आ जाती है जिससे सूखे को आसानी से झेल पाता है। 


3. उत्पादन बढ़ाने में फायदेमंद:

  • कीलेशन प्रक्रिया: मिट्टी में पहले से मौजूद लेकिन 'लॉक' हुए पोषक तत्वों (जैसे कैल्शियम,फास्फोरस,लोहा,जिंक आदि) को यह घोलकर पौधों की जड़ों तक पहुंचाता है। 
  • उर्वरकों की बचत: इसके उपयोग से रासायनिक उर्वरक की 20-30% कम जरूरत होती है। साथ ही यह यह उन खादों को वाष्पीकरण या बह जाने से रोकता है,जिससे खाद का पूरा असर पौधों को मिलता है। 
  • फल और दानें का आकार: पौधों के दानें और फलों का आकार बड़ा और पौष्टिक होने लगता है जिससे उत्पादन बढ़ जाता है। और मूल्य भी बढ़िया मिलता है। 

🌱 ह्यूमिक एसिड के फायदें 


विशेषता 

लाभ 

बीज उपचार 

अंकुरण (Germination) जल्दी और स्वस्थ होता है। 

मिट्टी 

सूक्ष्मजीवों (Microbes) की संख्या और गतिविधि बढ़ती है। 

फसल की गुणवत्ता 

फल और अनाज का आकार, रंग और चमक बेहतर होती है। 

पैदावार 

कुल उत्पादन में 10% से 20% तक की वृद्धि देखी जा सकती है। 


✔ ह्यूमिक एसिड मिट्टी + स्प्रे दोनों में दे सकते हैं 



फसलों में ह्यूमिक एसिड कैसे दें ?

चूंकि ह्यूमिक एसिड तरल,दानेदार और पाउडर तीनों रूप में होता है। अतः इसके तीनों रूपों के अनुसार फसलों में देने की विधियां निम्नलिखित है -

1. मिट्टी में प्रयोग (Soil Application):

यह तरीका मिट्टी की संरचना को सुधारने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। -
  • दानेदार: यदि आप दानेदार ह्यूमिक एसिड का प्रयोग कर रहे है,तो इसे बुआई के समय अकेले या अन्य खाद के साथ मिलाकर दे सकते है। 
  • मात्रा: आमतौर पर 1kg से लेकर 6 kg प्रति एकड़ की मात्रा से ह्यूमिक एसिड को मिट्टी में देना चाहिए।  

2. ड्रेचिंग या सिंचाई के साथ:

यदि फसल पहले ही लग चुकी है या आप मिट्टी में दे चुके है,तो भी यह तरीका बहुत ही शानदार असर करता है। आप सिंचाई के साथ जरूर दे -
  • ड्रिप सिंचाई: तरल ह्यूमिक एसिड को ड्रिप सिस्टम के माध्यम से सीधे पौधों की जड़ों तक पहुचाया जा सकता है। 
  • ड्रेचिंग: बड़े पौधों में सीधे पानी के मग से ड्रेचिंग करके इसको दे सकते है। 
  • मात्रा: सिंचाई के समय इसे 1 लीटर प्रति एकड़ देना चाहिए। और हर 20-25 दिनों में सिंचाई के समय इसे देना अच्छा रहता है। 

3. बीज उपचार (Seed Treatment):

बीजों के जल्दी और स्वास्थ्य अंकुरण के लिए ह्यूमिक एसिड बहुत ही प्रभावी होता है। 
  • तरीका: आप 5-10 मिली लीटर ह्यूमिक एसिड को लेकर 1 लीटर पानी में घोल ले और इस घोल को बीजों पर छिड़क कर अच्छे से मिलाए। उसके बाद बीजों को छाया में सुखाकर बुआई कर ले। 
  • फायदा: इससे बीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और जड़े तेजी से निकलती है। 

4. पर्णीय छिड़काव:

जब पौधों की पत्तियों पर पीलापन दिखाई दे,या उनका विकास रुका हुआ दिखाई दे तो पत्तियों पर स्प्रे करना ज्यादा फायदेमंद होता है -
  • घोल: आप 2-3 मिली लीटर ह्यूमिक एसिड (या 1-2 ग्राम पाउडर) को 1 लीटर पानी में मिलाकर अच्छे से घोल बना ले। 
  • समय: पत्तियों पर स्प्रे सिर्फ सुबह या शाम को ही करे जब धूप न हो। और पूरे सीजन में 2-3 बार छिड़काव कर सकते है। 

🌱 फसल अनुसार मात्रा 


फसल 

मात्रा 

धान  

1-5 किलो प्रति एकड़ 

गेहूं 

500g-3kg किलो  ग्राम प्रति एकड़ 

सब्जियां 

1 किलो प्रति एकड़ 

फलदार पौधा 

20–50 ml प्रति पौधा 


✔ ह्यूमिक एसिड मिट्टी + स्प्रे दोनों में दे सकते हैं 




ध्यान देने योग बात ये है कि हमेशा ह्यूमिक एसिड का उपयोग करते समय देख ले की खेत में पर्याप्त नमी है की नहीं है। नमी होने पर ही ये बढ़िया काम करता है। 


किसान घर पर ह्यूमिक एसिड कैसे बनायें ?


किसान ह्यूमिक एसिड को घर पर आसानी से बना सकते है। यह घर पर बनाना किफायती भी है और पूरी तरह से जैविक भी होता है। इसे बनाने की सबसे लोकप्रिय विधि आपको चाहे जितही ही पुरानी उपलें (गोबर के कंडें) या पुराना सड़ा हुआ गोबर का खाद हो उतना ही अच्छा होता है। 

➢आवश्यक सामग्री:
  • पुराने उपलें (कंडें): लगभग 20 kg जीतने अधिक से अधिक पुराने उपलें हो या इसके बदले में आप पुराना गोबर का कंपोस्ट भी ले सकते है। 
  • पानी: पानी 50 लीटर। 
  • प्लास्टिक का ड्रम: आप 100 लीटर क्षमता का प्लास्टिक ड्रम रखे। 
  • गुड़: इसके लिए 500 ग्राम से 1 किलो गुड़ काफी होगा। 
  • बेसन: बेसन भी 500 ग्राम से 1 किलो तक। 

➢बनाने की विधि:
  • उपलों को भिगोना: प्लास्टिक के ड्रम में 50 लीटर पानी भरकर उसमें उपलों को भिंगो दे,या कंपोस्ट गोबर को अच्छी तरह से मिला दे। 
  • गुड़ और बेसन मिलाए: अब गुड़ और बेसन को छोटे बर्तन में थोड़े से पानी में डालकर अछे से घोल बना ले फिर उस ड्रम में 50 लीटर वाले पानी में मिलाकर अच्छे से घोल दे। यह सूक्ष्मजीवों के लिए भोजन का कम करता है और डिकम्पोजिशन जल्दी होता है। 
  • सड़ने के लिए छोड़ना: अब उसे सड़ने के लिए किसी छायादार जगह पर रखकर कपड़े से मुह को बांध दे। 
  • समय सीमा: गर्मियों में सड़ने के लिए 7-10 दिनों तक और सर्दियों में 15-20 दिनों तक सड़ने के लिए छोड़ दे। 
  •  हिलना-मिलाना: बीच बीच में हर दिन या 1 दिन बीच लगाकर लकड़ी के डंडे से घोल को अच्छी तरह से मिलाते रहना चाहिए। 

➢तैयार होने की पहचान:
जब पानी का रंग पूरी तरह से काला या भूरा (कॉफी कलर) का हो जाय,तो समझ ले की आपका प्राकृतिक ह्यूमिक एसिड बनकर तैयार है। 

➢इस्तेमाल का तरीका:
घर पर बने इस घोल को सीधे इस्तेमाल न करे,बल्कि -
  • जड़ों में देने के लिए: 1 लीटर तैयार घोल को 10 लीटर पानी में मिलाए और पौधों की जड़ों में डाले। 
  • स्प्रे के लिए: 500 मिली घोल को 15 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे पंप से छिड़काव करे। 

यह बाजार वाले से अलग कैसे है:
बाजार में मिलने वाला ह्यूमिक एसिड अक्सर 'लियोनाडाइट'(खदानों से निकलने वाला कोयला) से प्रोसेस करके बनाया जाता है,जबकि घर पर बना यह ह्यूमिक एसिड 'ह्यूमिक और फुलविक एसिड' के साथ-साथ गोबर के अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है। 

➢सावधानी:
ह्यूमिक एसिड बनाते समय हमेशा प्लास्टिक के बर्तन का ही उपयोग करे,लोहे या अन्य धातु का प्रयोग न करे,क्योंकि एसिड धातु के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है। 

ह्यूमिक एसिड vs माइकोराइजा (आसान अंतर)


ह्यूमिक एसिड और माइकोराइजा दोनों खेती में इस्तेमाल होने वाला महत्वपूर्ण जैविक मिट्टी सुधारक और जैविक उर्वरक है। ये रासायनिक खाद नहीं होते लेकिन मिट्टी के साथ साथ पौधों के प्राकृतिक शक्ति को बढ़ाते है। 

1. माइकोराइजा (Mycorrhiza) क्या होता है ?

माइकोराइजा एक फायदेमंद फंगस (कवक) होता है,जो पौधों की जड़ों से दोस्ती कर लेता है। फिर यह पौधों की जड़ों के साथ मिलकर एक साझेदारी (Symbiosis) बना लेता है। सरल भाषा में पौधा माइकोराइजा को शक्कर देता है और बदले में मकोराइजा पौधों को पोषक तत्व देता है। 
  • कैसे काम करता है:माइकोराइजा की महीन जाल जैसी जड़े मिट्टी में बहुत दूर तक फैल जाती है और पौधों के लिए पोषक तत्व ढूंढकर लाती है। 

➢माइकोराइजा के फायदे:
  • यह पौधों की जड़ों के आकार को कई गुना बढ़ा देता है। 
  • फास्फोरस को आसानी से उपलब्ध कराता है। 
  • सूखा सहन करने की क्षमता बढ़ाता है। 
  • पौधा जल्दी बढ़ता है। 
  • पौधे में झुलसा और जड़ों का रोग नहीं लगने देता है। 
  • रासायनिक खाद की जरूरत को 24-40% तक कम कर देता है। 

इसीलिए माइकोराइजा को 'Root Booster' कहा जाता है। 


🔍 ह्यूमिक एसिड vs माइकोराइजा (आसान अंतर) 


बिंदु  

ह्यूमिक एसिड 

माइकोराइजा 

क्या है  

कार्बनिक पदार्थ  

फायदेमंद फंगस 

काम  

मिट्टी सुधारता है 

जड़ों की शक्ति बढ़ाता है 

असर 

मिट्टी की उर्वरता  

पोषक तत्व की उपलब्धता 

परिणाम 

मिट्टी हेल्दी  

पौधा ताकतवर 


👉 दोनों साथ में देने से डबल फायदा मिलता है। 




कुल मिलाकर सरल निष्कर्ष ये है कि -

ह्यूमिक एसिड = मिट्टी का डाक्टर 
माइकोराइजा = जड़ों का इंजीनियर 

अगर दोनों का उपयोग अपनी कृषि में किया जाय तो -मिट्टी+जड़+पौधा- इन तीनों को मजबूती मिलती है। 
  • आप धान में माइकोराइजा 2-3 किलो प्रति एकड़ बर्मीकंपोस्ट में मिलाकर रोपाई से पहले खेत में बिखेर दे,इससे पौधों की जड़े तेजी से बनती है। 
  • आप गेहूं में 2 किलो प्रति एकड़ बीज और खाद के साथ मिलाकर खेत में डालें। 
  • सब्जियों में रोपते समय प्रति पौधा 5-10 ग्राम या 2 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से मिट्टी में मिलाए। 
  • फलदार पौधों में 50-100 ग्राम प्रति पौधा लेकर पौधों की जड़ों में मिलाकर सिंचाई कर दे। 

➢क्या घर पर माइकोराइजा को भी बनाया जा सकता है ?
  • नहीं! माइकोराइजा को घर पर नहीं बनाया जा सकता है। 
  • यह विशेष प्रयोगशाला में उगाया जाने वाला जीवित फंगस होता है। 

आप प्राकृतिक रूप से अपने खेत में माइकोराइजा को बढ़ा सकते है इन उपायों के द्वारा -
  1. खेत में बार-बार जुताई को कम कर दे। 
  2. ज्यादा रासायनिक उर्वरक न दे। 
  3. खेत में जैविक खाद को बढ़ाए। 
  4. खेत खाली न छोड़े। 
  5. फसल चक्र अपनाए। 

इससे माइकोराइजा खुद खेत में बढ़ने लगता है। अभी माइकोराइजा लेना हो तो बहुत सारी एग्रीटेक कंपनियां इसको बनाकर मार्केट में बेच रही है। आप सही कंपनी से खरीद सकते है।  


निष्कर्ष (Conclusion)

ह्यूमिक एसिड आधुनिक खेती का एक महत्वपूर्ण जैविक समाधान है। यह रसायनों के अधिक प्रयोग से बंजर होती जमीन और मिट्टी के लिए समय की मांग बन गया है। यदि किसान नियमित रूप से इसका उपयोग करे,तो खेती की लागत कम और मुनाफा अधिक बढ़ सकता है। 

यदि आप इसे अपनाते है,तो आपका यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए आपकी जमीन को सुरक्षित और लाभदायक बनाकर रखेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे आप अपने घर पर बना सकते है जिससे आपको उर्वरकों पर होनेवाले पैसे की भी बचत हो जाती है। 

अतः इस धान की बुआई के समय आप इसे बनाकर अपने खेतों में उपयोग जरूर करे। साथ में आप बताए कि आज का ये जानकारी आपको कैसा लगा और अधिक जानकारी क्या चाहिए ?


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1:ह्यूमिक एसिड क्या काम करता है?
उत्तर: ह्यूमिक एसिड मिट्टी की संरचना को सुधारता है,जड़ों की वृद्धि को बढ़ाता है और पौधों को पोषक तत्व आसानी से उपलब्ध कराता है।
प्रश्न 2: क्या ह्यूमिक एसिड एक रासायनिक खाद है?
उत्तर: नहीं!यह एक प्राकृतिक कार्बनिक पदार्थ है,जो जैविक खेती में उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 3:ह्यूमिक एसिड कब देनी चाहिए?
उत्तर: बुआई से पहले पहली सिंचाई के साथ मिट्टी में और बाद में 20-25 दिनों के अंतर पर स्प्रे किया जा सकता है।
प्रश्न 4:क्या इसे सभी फसलों में उपयोग किया जा सकता है?
उत्तर:हां!इसे धान। गेहूं,सब्जियां और फलदार पौधों सहित सभी फसलों में उपयोग किया जा सकता है।
प्रश्न 5:क्या किसान घर पर ह्यूमिक एसिड बना सकते है?
उत्तर:हां!पुराना गोबर,कंपोस्ट,गुड़ और पानी से किसान इसे आसानी से घर पर बना सकते है।
प्रश्न 6: ह्यूमिक एसिड से उत्पादन कितना बढ़ता है?
उत्तर: ह्यूमिक एसिड के उपयोग से सामान्यतया 10-25% की उत्पादन में वृद्धि देखि गई है।
प्रश्न 7:क्या ह्यूमिक एसिड उर्वरकों की जरूरत को कम करता है?
उत्तर:हां!यह 20-30% तक रासायनिक खाद की जरूरत को कम कर देता है।
प्रश्न 8:क्या ह्यूमिक एसिड स्प्रे किया जा सकता है?
उत्तर: हां!इसे 2-3 मिली लीटर को 1 लीटर पानी में मिलाकर खेतों या पत्तियों पर स्प्रे किया जा सकता है।
प्रश्न 9:इसका स्प्रे कब करनी चाहिए?
उत्तर: इसका स्प्रे सुबह में या शाम में ही करनी चाहिए जब धूप न हो। सुबह का समय सबसे अच्छा होता है।


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