📑 Table of Contents
- ➤ प्रस्तावना(Introduction)
- ➤ Hydroponics कैसे काम करती है ?
- ➤ Hydroponics System के प्रकार
- ➤ Hydroponics में कौन सी फसल उगाएं ?
- ➤ Hydroponics के फायदे
- ➤ Hydroponics के नुकसान
- ➤ Hydroponics शुरू करने में कितना खर्च आता है?
- ➤ Hydroponics से कमाई कितनी हो सकती है
- ➤ Hydroponics शुरू करने की स्टेप बाइ स्टेप गाइड
- ➤ निष्कर्ष
- ➤ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ
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| बिना मिट्टी की खेती,भविष्य की खेती,Hydroponics Farming की खेती |
प्रस्तावना (Introduction)
Hydroponic एक आधुनिक खेती की तकनीक है जिसमें मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता है। इसमें पौधों को पानी में घुले विशेष पोषक तत्वों (Nutrient Solution) के सहारे उगाया जाता है। इस तकनीक में पौधों की जड़े Nutrient Solution से पोषण लेती है,जिससे उनकी Growth तेजी से होती है। साथ मे उत्पादन भी ज्यादा मिलता है।
सरल शब्दों मे कहा जाय तो, यह "मिट्टी रहित खेती" (Soilless Farming) है।
आज के दौर में जहां खेती के लिए उपजाऊ जमीन कम होती जा रही है और पानी का संकट बढ़ रहा है,इस स्थित में ये तकनीक कमाल की है। साथ ही आप कीटनाशक मुक्त और शुद्ध एवं ताजी ताजी सब्जियां चाहते है और पसंद करते है तो भी ये तकनीक कमाल की है।
यह तकनीक आखिर में क्या है, कैसे काम करता है और इसका लाभ इंकम करने में कैसे लिया जाए,इन सभी विषयों की जानकारी इस लेख मे आपको मिलने वाली है।
Hydroponics कैसे काम करती है ?
जैसा की हमने देखा हाइड्रोपोनिक्स में,हम मिट्टी की जगह पानी में एक विशेष पोषक तत्व घोल मिलाया जाता है। पौधों की जड़ों को सहारा देने के लिए मिट्टी के बजाय कंकड़,वर्मीकुलाइट या नारियल के रेशे का इस्तेमाल किया जाता है।
इस तकनीक में पौधों को मुख्य तीन चीजे दी जाती है -
- 1. Nutrient Solution: पानी में घुले सभी जरूरी पोषक तत्व जैसे -नाइट्रोजन,फास्फोरस,पोटैशियम,कैल्शियम,मैग्नेशियम और आयरन आदि।
- 2. Growing Media: पौधों को सहारा देने के लिए मिट्टी की जगह पर नारियल(Cocopeat)कंकड़(Rockwool) और वर्मीकुलाइट यदि का प्रयोग किया जाता है।
- 3. Controlled Environment: तापमान (Temperature) नमी और प्रकाश (Light) को नियंत्रित किया जाता है और इसे पौधों की जरूरतों के हिसाब से घटाया बढ़ाया जाता है।
Hydroponics System के प्रकार
हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम कई प्रकार के होते है और कुछ प्रकारों का तो हमलोग अनजाने में या जाने में पहले से भी प्रयोग किये होंगे। लेकिन इसके 6 मुख्य प्रकार जो सबसे ज्यादा लोकप्रिय है इसके बारे में जानते है -
1. विक सिस्टम (Wick System):
ये सबसे सरल तरीका और पैसिव सिस्टम है। इसमें किसी मोटर या पम्प की जरूरत नहीं होती है।
- कैसे काम करता है: इसमें एक रस्सी का उपयोग किया जाता है जिसका एक सिरा पोषक तत्व वालें पानी में और दूसरा पौधों की जड़ों के पास होता है। केशिका क्रिया (Capillary Action) के तहत पानी धीरें धीरें ऊपर पहुंचता है।
- किसके लिए: छोटे पौधे जैसे जड़ी-बूटियां (Herbs) और शुरुआती लोगों के लिए सबसे बढ़िया होता है।
2. डीप वाटर कल्चर (Deep Water Culture - DWC):
यह सबसे आसान ऐक्टिव सिस्टम है जिसमें पौधों की जड़े सीधे पानी में डूबी रहती है।
- कैसे काम करता है: पौधों को एक फोम प्लेटफार्म पर रखा जाता है जो पोषक तत्व वाले टैंक के उपर तैरता है। जड़ों को आक्सीजन देने के लिए एक एयर पम्प (Air Stone) का उपयोग किया जाता है।
- किनके लिए: तेजी से बढ़ने वाले पौधे जैसे लेट्यूस (सलाद पत्ता) और जो शुरुआती दौर में हाइड्रोपोनिक्स खेती कर रहे है उनके लिए बेहतर है।
3. पोषक तत्व फिल्म तकनीक (Nutrient Film technique -NFT):
यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय एवं व्यावसायिक खेती में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सिस्टम है।
- यह कैसे काम करता है: पौधों को ढलानों वाले पाइपों (Channels) में लगाया जाता है। इन पाइपों में पोषक तत्वों की एक बहुत पतली धार लगातार बही रहती है,जिसे पौधों की जड़े सोखती है।
- फायदा: इसमें पानी का बहाव लगातार होते रहने के कारण जड़ों को भरपूर आक्सीजन और पोषण मिलता है।
- किनके लिए: इसमें कम पानी खर्च,कम मेंटेनेंस होता है और पत्तेदार सब्जियों के लिए सबसे अच्छी सिस्टम है।
4. ईब और फ्लो (Ebb and Flow):
- कैसे काम करता है: एक पम्प के जरिए पौधों की जड़ों को थोड़े समय के लिए पोषक तत्वों से भरपूर पानी से पूरा भर दिया जाता है(Flood) और फिर वह पानी वापस टैंक में बह जाता है। यह प्रक्रिया दिन में कई बार दोहराई जाती है।
- खासियत: यह सिस्टम वर्सटाइल है,इसमें आप भारी पौधे भी उगा सकते है।
5. ड्रिप सिस्टम (Drip System):
- कैसे काम करता है: हर पौधे की जड़ के पास एक छोटी नली लगी होती है। एक टाइमर के जरिएं बूंद-बूंद करके पोषक तत्व सीधे जड़ों को दिए जाते है।
- उपयोग: यह बड़े कमर्शियल फार्म में टमाटर और खीरे जैसी फसलों के लिए बहुत उपयोगी और लोकप्रिय है।
6. एयरोपोनिक्स (Aeroponics):
यह हाइड्रोपोनिक्स फ़ार्मिंग सिस्टम की सबसे आधुनिक तकनीक है।
- कैसे काम करती है: इसमें पौधे हवा में लटके होते है। पौधों की जड़ों पर पोषक तत्वों और पानी की धुंध (Mist) का छिड़काव किया जाता है।
- फायदा: जड़ों को सबसे ज्यादा आक्सीजन मिलती है, जिससे विकास बहुत तेजी से होता है। लेकिन यह थोड़ा महंगा और तकनीकी सिस्टम है।
7. Vertical हाइड्रोपोनिक्स (Vertical System):
इसमें पौधों को दीवार में या टावर में टाँगकर खेती की जाती है।
- किसके लिए: इसमें कम जगह में ज्यादा उत्पादन होता है। ये अधिकतर शहरों और छतों के लिए उपयोगी सिस्टम है।
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| सुंदर तरीकें से घर के छत पर हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से खेती |
Hydroponics में कौन सी फसल उगाएं ?
हेडरोपोनिक्स में आप हर पौधा उगा सकते है जो मिट्टी मे उगता है,लेकिन कुछ फसलें इस तकनीक में तेजी से और बेहतर परिणाम देती है। फसलों का वर्गीकरण इस प्रकार से है -
1. शुरुआती लोगों के लिए (beginner Friendly):
अगर आप अभी शुरुआत कर रहे है,तो पत्तेदार सब्जियां सबसे अच्छा विकल्प है क्योंकि इनका लाइफ साइकिल छोटा होता है।
- पालक (Spinach): यह 3-4 सप्ताह में कटाई के लिए तैयार हो जाता है।
- लेट्युस (Lettuce): हाइड्रोपोनिक्स की सबसे लोकप्रिय फसल है यह 30-45 दिनों में तैयार हो जाती है।
- तुलसी और पुदीना (Basil & Mint): इन्हें कम देखभाल की जरूरत होती है और यह बहुत तेजी से फैलते है।
2. व्यावसायिक लाभ के लिए (Commercial & High Value):
अगर आपको बिजनेस के तौर पर फसलों का चयन करना है तो -
- चेरी टमाटर (Cherry Tomato): ये साधारण टमाटर की तुलना मे महंगे बिकते है।और इस हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम में इसकी पौदवार बहुत अधिक होती है।
- स्ट्राबेरी (Strawberry): मिट्टी में स्ट्राबेरी उगाना कठिन है,लेकिन हाइड्रोपोनिक्स विधि में आप सालोंभर इसकी फसल उगा सकते है।
- रंगीन शिमला मिर्च ((Exotic Peppers): लाल और पीली शिमला मिर्च की डिमांड मार्केट में बहुत ज्यादा है और इस विधि में इसकी बढ़िया फसल होती है।
3. अन्य सब्जियां और फल (Others):
- खीरा (Cucumber): इसके लिए आपको वर्टिकल सपोर्ट की जरूरत पड़ती है और इसकी भी खेती इसमें बढ़िया होती है।
- ब्रोकली और केल (Broccoli & Kale): ये दोनों सुपर फूड की श्रेणी में आते है, और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है।
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| घर की बालकनी और छतों पर भी की जा सकती है सब्जियों की खेती |
Hydroponics के फायदे
हाइड्रोपोनिक्स तकनीक पारंपरिक खेती के मुकाबले कई क्रांतिकारी फायदें प्रदान करती है। इसके फायदें को निम्न बिंदुओं में समझते है -
- पानी की भरी बचत: इस तकनीक में पानी का पुनर्चक्रण होता है,जिससे पारंपरिक मिट्टी वाली खेती की तुलना में 90% तक कम पानी का खर्च होता है।
- तेजी से विकास: पौधों को सीधे पानी के जरिए पोषक तत्व प्राप्त होता है,जिससे वे मिट्टी के तुलना में 20-30% ज्यादा तेजी से बढ़ते है।
- कीटनाशकों से मुक्ति: मिट्टी न होने के कारण मिट्टी से पैदा होने वाले कीड़े और बीमारियां नहीं होती है,जिससे हानिकारक Pesticides का इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ती है।
- जगह का सही उपयोग: इसे आप ऊध्वार्धर (Vertical) तरीके से लगा सकते है,जिससे बहुत कम जगह में भी अधिक पैदावार होता है। यह शहरों में रहने वालों के लिए वरदान के समान है।
- मौसम पर निर्भरता नहीं: घर के अंदर खेती करने पर आप तापमान को नियंत्रित कर सकते है। जिससे किसी भी मौसम में कोई भी फसल उगाई जा सकती है।
Hydroponics के नुकसान
हाइड्रोपोनिक्स फ़ार्मिंग सिस्टम के क्रांतिकारी फ़ायदों के साथ-साथ इसके कुछ नुकसान भी है जिसे जानना आती आवश्यक है, ताकि समय रहते इन नुकसानों को कम किया जा सके -
- शुरुआती लागत ज्यादा: पारंपरिक खेती की तुलना में इसको शुरू करने का खर्चा बहुत अधिक होता है। आपको पाइप,पम्प,लाइट और पोषक तत्वों के लिए निवेश करना पड़ता है।
- बिजली पर निर्भरता: इसमें अधिकांश सिस्टम बिजली से चलने वाले पंपों पर निर्भर होते है। अगर लंबें समय से बिजली गुल रही तो पूरी फसल नष्ट हो सकती है।
- तकनीकी ज्ञान की जरूरत: यह "लगाओं और भूल जाओं" वाली तकनीक नहीं है। आपको पानी के PH लेवल,EC और पोषक तत्वों के संतुलन की सटीक जानकारी रखनी होती है।
- बीमारियों का तेजी से फैलना: यदि सिस्टम के पानी में कोई बीमारी या फंगस आ जाय तो वह पूरे पाइप नेटवर्क के जरिए सभी पौधों तक तुरंत पहुंच कर नुकसान कर सकती है।
- लगातार निगरानी: आपको नियमित रूप से सिस्टम की जांच करनी पड़ती है। एक छोटी सी गलती या लापरवाही पूरे फसल को सूखा सकती है।
आप नुकसान को कम करने के लिए निम्न उपाय अपना सकते है -
- निगरानी के लिए: पानी की गुणवता मापने के लिए Digital TDS & PH Meter टूल्स रख सकते है।
- पोषक तत्व: सही और संतुलित मात्रा में पोषक तत्वों के लिए GreenLoop Hydroponic Nutrients जैसे विश्वसनीय घोल का उपयोग कर सकते है।
- जड़ों के लिए माध्यम: मिट्टी की कमी को पूरा करने के लिए Cocopeat Block या Clay Ball का उपयोग किया जाता है।
Hydroponics शुरू करने में कितना खर्च आता है?
हाइड्रोपोनिक्स फार्मिंग सिस्टम शुरू करने के लिए खर्च आपके प्रोजेक्ट के स्तर पर निर्भर करता है। आप इसे Rs 2,000 से लेकर लाखों का निवेश करके व्यावसायिक स्तर पर भी शुरू कर सकते है।
यहां 2026 के अनुसार अनुमानित खर्चों का विवरण दिया जा रहा है -
लागत कम करने के तरीकें -
- कबाड़ से जुगाड़ करने पर 50% कम लागत।
- सरकारी सब्सिडी: भारत सरकार की (NBH - National horticulture Board) योजना के तहत 25-50% तक की सब्सिडी मिल सकती है।
- धूप का उपयोग: धूप वाले जगह जैसे छत या बालकोनी में सेटअप करने से बिजली का खर्च कम हो जाता है।
Hydroponics से कमाई कितनी हो सकती है
हाइड्रोपोनिक्स खेती से कमाई कितनी होगी यह आपके सेटअप और फसल उगाने पर निर्भर करता है। फिर भी एक अनुमानित कमाई के आंकड़े इस प्रकार से है -
1. छोटे स्तर पर कमाई:
यदि आप 500 से 1000 sq feet की छत पर खेती शुरू करते है तो -
- फसल: मुख्य रूप से पालक,लेट्युस,और औषधीय जड़ी बूटियों का फसल लगते है।
- उत्पादन: हर महिनें 100 से 200 किलोग्राम सब्जियों का उत्पादन करते है।
- संभावित आय: खर्च काटकर आप 10,000 से 25,000 प्रति माह कमाई कर सकते है। यदि आपके स्थानीय बाजार में ऑर्गेनिक डिमांड होगी तो कमाई और भी बढ़ सकती है।
2. माध्यम स्तर पर कमाई:
यदि आप 2000 से 5000 sq. feet. में सेटअप लगते है तो -
- फसल: रंगीन शिमला मिर्च,चेरी टमाटर और स्ट्राबेरी जैसी महंगी फसलें उगते है।
- संभावित आय: आप सभी परिचालनों के बाद 50,000 से 1.5 लाख प्रति माह कमाई कर सकते है।
3. कमाई को प्रभावित करने वाले कारक:
- सीधे ग्राहकों को बेचना: यदि आप अपने फसल को सीधे अपार्टमेंट,होटलों और प्रीमियम कैफे में बेचते है तो, आपको थोक मंडी के मुकाबले 2-3 गुना ज्यादा इंकम हो सकता है।
- ऑफ सीजन फसल: हाइड्रोपोनिक्स में आप गर्मी में भी सर्दियों वाली फसलें उगा सकते है जिसपर आप ऊंची कीमत वसूल सकते है।
- लागत नियंत्रण: बिजली और पानी के खर्च को आप जितना ज्यादा नियंत्रित रखेंगे आपका मुनाफा उतना ही ज्यादा होगा।
Hydroponics शुरू करने की स्टेप बाइ स्टेप गाइड
स्टेप 1: ट्रैनिंग ले:
ट्रैनिंग ले लेने से काम आसान हो जाता है और इसमें सफलता की दर बढ़ जाती है।
- यूट्यूब: सबसे पहले आप यूट्यूब पर फ्री में या कुछ पैड कोर्स भी है ट्रेनिंग और लर्निंग कर ले।लेकिन इसके बाद आपको व्यावहारिक लर्निंग करना ठीक रहेगा।
- ICAR: ये भारत सरकार की सरकारी संस्था है। आपके नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र में इसकी सुविधा मिलती है जहां पंजीयन करके आप ट्रेनिंग ले सकते है।
- Indian Hydroponics: ये भारत की सबसे लोकप्रिय हाइड्रोपोनिक्स लर्निंग और ट्रेनिंग कंपनी है। यहां आपको 2-3 दिनों का प्रैक्टिकल वर्कशॉप ट्रेनिंग भी मिलेगी। कमर्शियल फार्मिंग और सेटअप गाइड बढ़िया से यहां मिलती है।
- Future Farms: ये भी इंडिया की सबसे बड़ी हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम में से एक है। यहां NFT और पॉलीहाउस ट्रेनिंग एवं कमर्शियल ग्रीनहाउस फार्मिंग की अच्छी ट्रेनिंग दी जाती है।
- UrbanMali: ये शहरी फार्मिंग के लिए प्रसिद्ध है। होम सेटअप और Small Business Model के लिए बढ़िया लर्निंग मिलती है।
स्टेप 2: सिस्टम और जगह का चुनाव करें:
सिस्टम और जगह का चुनाव सबसे महत्वपूर्ण कदम है। क्योंकि सबसे पहले आपको ये तय करना है की किस सिस्टम की शुरुआत करनी है। और फिर इस सिस्टम को किस जगह पर स्थापित करना है।
- जगह: ऐसी जगह चुनें जहां कम से कम 4-6 घंटे धूप आती हो जैसे बालकनी या छत। यदि आप घर के अंदर सेटअप करना चाहते है तो आपको Grow Light की जरूरत होगी।
- सिस्टम: शुरुआती लोगों के लिए NFT या DWC (Deep Water Culture) और Wick System भी सबसे अच्छा है क्योंकि इन्हें बनाना और समझना आसान है।
स्टेप 3: जरूरी समान इकठ्ठा करें:
आपको इन बुनियादी चीजों की जरूरत सबसे पहले पड़ेगी-
- कंटेनर या टैंक: पानी और पोषक तत्व रखने के लिए।
- नेट पॉटस्: जालीदार कप जिनमें पौधे रखे जाते है।
- ग्रोइंग मीडिया: मिट्टी की जगह जड़ों को सहारा देने के लिए Cocopeat Block या Clay Balls।
- पोषक तत्व: GreenLoop,Hydroponic Nutrients जैसा पौधे का भोजन।
- उपकरण: पानी का संतुलन मापने के लिए Digital TDS और PH Meter जैसे उपकरण।
स्टेप 4: पोषक तत्व घोल तैयार करें:
एक साफ बाल्टी में पानी भरे और उसमें निर्देशानुसार हाइड्रोपोनिक्स पोषक तत्व मिलाए।
- PH Level जांचे: अधिकांश पौधों के लिए पानी का PH 5.5 से 6.5 तक होनी चाहिए।
- TDS जांचे: शुरुआती पौधों के लिए TDS कम रखे और धीरे धीरे बढ़ाए।
स्टेप 5: पौधों की पौध तैयार करें:
हाइड्रोपोनिक्स में सीधे बीज नहीं डाले जाते है। पहले बीजों कोकोपोट या स्पंज में अंकुरित किया जाता है। जब उनमें 3-4 पत्तियां आ जाती है और उसके जड़े दिखने लगते है,तब उन्हें सिस्टम में शिफ्ट कर दिया जाता है।
स्टेप 6: सिस्टम को सेट और निगरानी करें:
अब सिस्टम को सेट करे। सबसे पहले नेट्स पॉइंट में ग्रोइंग मीडिया डाले और सावधानी से अपने छोटे पौधे को उसमें डाले। यह सुनिश्चित कर ले कि पौधों की जड़े पोषक पानी को जरूर छु रही हो।
- निगरानी: सप्ताह में एक बार पानी का TDS और Ph लेवल जरूर चेक करे। और जरूरत पड़ने पर पानी बदले एवं पोषक तत्व मिलाए।
स्टेप 7: मार्केटिंग करे:
मार्केटिंग सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है सफलता और अच्छे इंकम करने के लिए। सबसे अच्छी बात ए है की इसकी तेजी से डिमांड बढ़ती जा रही है। यदि आप अभी से शुरू करते है तो आने वाले 2-3 सालों में मार्केट पर आपकी पकड़ मजबूत हो जाएगी और आप एक बड़े खिलाड़ी बन सकते है।
- लोकल मार्केट: आप अपने शहर के होटलों,रेस्टूरेंट और सुपर मार्केट में डायरेक्ट सप्लाइ कर सकते है। इसके अलावा आसपास के सब्जी दुकानदारों से मिलकर ऑर्डर उठा सकते है।
- ऑनलाइन मार्केट: आप ऑनलाइन साइट बनाकर डिलिवरी कर सकते है। इसमें भी आपके फिक्स ग्राहक बन जाएंगे।
निष्कर्ष (Conclusion)
अब हाइड्रोपोनिक्स एक तकनीक ही नहीं,बल्कि भविष्य की जरूरत बनती जा रही है। जैसे जैसे उपजाऊ जमीन कम होती जा रही है और पानी का संकट बढ़ता जा रहा है,बिना मिट्टी की यह खेती एक टिकाऊ समाधान पेश कर रही है।
भले ही यह शुरुआत में तकनीकी लग सकती है, लेकिन जैसे जैसे आप इसकी खेती शुरू करते है आपको इसमें बहुत मजा आने लगता है और उसी अनुपात में आपकी इंकम भी बढ़ती जाती है। और आपको ये बिल्कुल सरल लगने लगती है।
तो देर किस बात कि ? आज ही एक छोटे से सेटअप से शुरुआत करे और अपनी आंखों के सामने 'भविष्य की खेती' को लहलहाते हुए देखे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1:क्या हाइड्रोपोनिक्स सब्जियां सेहत के लिए सुरक्षित है? ▼
उत्तर: हां बिल्कुल!!मिट्टी में उगी सब्जियों की तुलना में ये अधिक साफ और सुरक्षित होती है। चूंकि इसमे मिट्टी का उपयोग नहीं होता इसलिए इसमें मईटी से होने वाली बीमारियों और हानिकारक कीटनाशकों की जरूरत नहीं पड़ती है।
प्रश्न 2: क्या इसमें बहुत ज्यादा बिजली खर्च होती है? ▼
उत्तर: नहीं! एक घरेलू सेटअप में केवल एक छोटा स पानी का पम्प इस्तेमाल होता है,जो बहुत कम बिजली का खपत करता है। यदि आप घर के अंदर खेती कर रहे है तो आपको Grow Lights पर थोड़ा अधिक बिजली खर्च हो सकता है।
प्रश्न 3: क्या हम घर के अंदर बिना धूप के हाइड्रोपोनिक्स खेती के सकते है? ▼
उत्तर: हां! यदि आपके घर में धूप नहीं आती तो आप LED Grow Lights का इस्तेमाल कर सकते है। ये लाइटें सूरज की रोशनी की कमी को पूरा कर सकती है,और पौधों को प्रकाश संश्लेषण में मदद करती है।
प्रश्न 4: क्या हाइड्रोपोनिक्स सेटअप महंगा है? ▼
उत्तर:शुरुआती निवेश पारंपरिक खेती से थोड़ा अधिक हो सकता है क्योंकि आपको पाइप और पंप खरीदने होते हैं। हालांकि, लंबे समय में कम पानी, कम मेहनत और बेहतर पैदावार के कारण यह किफायती साबित होता है। आप मात्र ₹1,500 - ₹2,000 से भी छोटा DIY सेटअप शुरू कर सकते हैं।
प्रश्न 5: क्या इसमें पानी रोज बदलना पड़ता है? ▼
उत्तर: नहीं 1 आपको बस समय समय पर पानी की स्टार की जांच करते रहना है और उसमें पोषक तत्व डालना है। आमतौर पर पूरे पानी को 2-3 सप्ताह में एक बार बदलना उचित रहता है।
प्रश्न 6: क्या हाइड्रोपोनिक्स खेती भारत में लाभदायी है? ▼
उत्तर: हां शहरों में फ्रेश और ऑर्गैनिक एवं कीटनाशक फ्री सब्जियों की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। इसलिए ये मुनाफे का सूद बंता जा रहा है।
प्रश्न 7: हाइड्रोपोनिक्स में कौन फसल सबसे ज्यादा लाभ देती है? ▼
उत्तर: Lettuce, पालक, धनिया, टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च और स्ट्रॉबेरी सबसे ज्यादा profitable फसलें हैं।
प्रश्न 8: हाइड्रोपोनिक्स खेती में पानी कितना लगता है? ▼
उत्तर: परंपरागत खेती की तुलना में 90% कम पानी लगता है इसमे।
प्रश्न 9: Hydroponics खेती सीखने में कितना समय लगता है? ▼
उत्तर: Basic training 15–30 दिन में ली जा सकती है और 2–3 महीने में अच्छा अनुभव हो जाता है।



