इस लेख में क्या है
![]() |
| भारत मे अब CNG और एथेनॉल मिश्रित डीजल से चलेंगे ट्रैक्टर (Flax Engine Tractor) |
बढ़ता प्रदूषण,महंगे ईंधन,और पर्यावरणीय चुनौतियाँ किसानों के सामने नई समस्या खड़ी कर रही है। ऊपर से विश्व की राजनीति मे होते रहने वाली अनिश्चितता ने भी किसानों के साथ साथ सरकार को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध हो या हाल ही मे शुरू हुआ ईरान-अमेरिका,इस्राइल युद्ध इन हालातों मे ईंधन के साथ साथ उर्वरक और साथ में तकनीकी उत्पादों की कमी और उसके मूल्य वृद्धि का सामना करना पड़ता है।यदि ये समस्या ज्यादा बड़ी हो जाए उससे पहले ही हम तैयारी करना शुरू कर दे तो किसी भी आने वाली चुनौतियों से आसानी से निबटा जा सकता है।
इन्ही सभी समस्याओ के समाधान के लिए भारत सरकार और ऑटोमोबाईल कंपनियां नई तकनीकों पर काम कर रही है,जिनमे Flex Engine Tractor,BS6 और E20 पेट्रोल प्रमुख है।
इसी को ध्यान मे रखते हुए और सतत विकास एवं विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों की दिशा मे आगे बढ़ने के लिए कुछ महीने पहले केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अल्टरनेटिव फ्यूल्स को बढ़ावा देने और डीजल एवं पेट्रोल पर निर्भरता कम करने के लिए कंपनियों को सख्ती से काम करने को कहा।
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो BS6(Bharat Stage VI) इमिशन नॉर्म्स को सख्ती से लागू कर दिया जाएगा।इसके लिए खासकर ट्रैक्टर कंपनियों को फ्लैक्स इंजन वाले ट्रैक्टर को जल्दी से मार्केट में उतरना होगा।
क्या होते है फ्लैक्स इंजन वाले ट्रैक्टर
फ्लैक्स इंजन ऐसे इंजन होते है जो एक से ज्यादा तरह के ईंधन से चल सकते है।इससे ईंधन के चुनाव में लचीलापन मिलता है और ईंधन पर खर्च भी कम बैठता है।
गडकरी ने बताया कि अभी देश के ट्रैक्टर कंपनियों ने 100 प्रतिशत इथेनॉल और CNG पर चलने वाले ट्रैक्टर को तैयार कर लिए है।बस इन्हें जल्दी से मार्केट में लाने की योजना पर काम करना है।यदि कंपनियां फ्लैक्स इंजन वाले ट्रैक्टर को अपनाती है तो उन्हें BS6 इमिशन नॉर्म्स के बराबर माना जाएगा।
- भारत मे flax Engine Tractor पर काम करने वाली कंपनी Mahindra & Mahindra मुख्य कंपनी है। इसने इस टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन 2025 मे Agrovision ईवेंट मे दिखाया था।
- फ्लैक्स इंजन ट्रैक्टर मे E20 ईंधन +BS6+Flax Engine इन तीनों तकनीक को आपस मे संबंधित कर दिया जाएगा जिससे पर्यावरण सुरक्षा,किसानों का लागत कम होना और आत्मनिर्भर भारत मे योगदान मिल सकेंगे। इसे हम Green Agriculture System भी कह सकते है।
BS6(Bharat Stage VI) इमिशन नॉर्म्स के बारे मे
- BS6 इमिशन नॉर्म्स गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण को सीमित करने के लिए बनाए गए कठोर नियम है जिनका मकसद हवा में जहरीली गैसों और पार्टीकुलेट मैटर को कम करना है।
- EURO6 जिसे यूरोप मे 2014 मे लागू किया गया था उसका भारतीय संस्करण BS6 है जो 1 अप्रैल 2020 से पूरे भारत मे लागू है।इससे पहले भारत मे BS4 था और BS5 को स्किप करके सीधे BS6 पर जंप किया गया है।
- भारत मे ट्रैक्टर पर BS6 नॉर्मस लागू नहीं हुआ है क्योंकि ट्रैक्टर अलग कटगेरी Non Road Vehicle मे आता है।लेकिन 2028 तक नये इमिशन नियम ट्रैक्टर मे भी लागू हो जाएंगे।
- BS6 इमिशन नॉर्म्स के तहत डीजल और पेट्रोल इंजन वाली गाड़ियों से जिन हानिकारक तत्वों को कम करना है उनमें शामिल है -
1.नाइट्रोजन ऑक्साइड(NOx)
2.कार्बन मोनोऑक्साइड(CO)
3.हाइड्रोकार्बन(HC)
4.सूक्ष्म कण पदार्थ(PM)
- डीजल गाड़ियों: के लिए BS6 उत्सर्जन मानक के तहत 180 मिलीग्राम प्रति किलोमिटर की तुलना मे BS6 मे NOx की मात्रा 80 मिलीग्राम प्रति किलोमिटर रखी गयी है। डीजल गाड़ियों मे NOx 70% कम हो गई है।
- पेट्रोल गाड़ियों: के लिए BS6 मे NOx की सीमा 60 मिलीग्राम प्रति किलोमिटर रखी गई है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- एडब्लू: यह डीजल गाड़ियों में भी जरूरी हो गया है BS6 इमिशन नॉर्म्स के तहत।इसके चलते रासायनिक क्रिया होती है जो NOx को हानिरहित जलवाष्प और नाइट्रोजन में परिवर्तित कर देती है।
- टेक्नोलॉजी :BS6 को फॉलो करने के लिए गाड़ियों में एडवांस इंजन टेक्नोलॉजी,बेहतर फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम और एग्जास्ट ट्रीटमेंट्स जैसे पार्टिकुलर फिल्टर और कैटेलिटिक कनवर्टर लगाने पड़ते है जिससे गाड़ियों की लागत बढ़ जाती है। लेकिन इससे प्रदूषण में कमी आती है और पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचता है।
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: भारत में यूरो इमिशन नॉर्म्स को BS इमिशन नॉर्म्स कहा जाता है और इस "BS मानक" को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय किया जाता है।इसका गठन "प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974" के तहत सितंबर 1974 में किया गया था।
देश में प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में सरकार गंभीर है और इसके लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास भी कर रही है।इसी दिशा में हाइड्रोजन फ्यूल को लेकर भी सरकार की गतिविधियां तेज हो गई है।
गडकरी ने बताया कि अभी हाल ही में तीन हाइड्रोजन आधारित ट्रक को लॉन्च किया गया है।इनमें से दो ट्रक डीजल या पेट्रोल इंजन के साथ हाइड्रोजन कॉम्बिनेशन पर चलते हैं और जबकि उसमें से एक ट्रक पूरी तरह हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर आधारित है और चल रहा है। उन्होंने बताया कि कंस्ट्रक्शन इक्यूपमेंट और एग्रिकल्चर इक्यूपमेंट में भी ऐसी ही हाइड्रोजन आधारित ईंधनों पर प्रयोग जारी है।
सब्सिडी और इंसेंटिव की प्रोत्साहन नीति
सरकार प्रदूषण स्तर नियंत्रित करने के लिए सब्सिडी और इंसेंटिव के माध्यम से प्रोत्साहित और प्रेरित करने का भी प्रयास कर रही है।गडकरी ने बताया कि अगर कोई कंस्ट्रक्शन इक्यूपमेंट अल्टरनेटिव फ्यूल्स या बायो फ्यूल्स पर आधारित है तो उनकी फाइनेंसिंग पर 5% सब्सिडी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की और भी सब्सिडी और इंसेंटिव की योजनाएं लागू की जाएगी ताकि अल्टरनेटिव फ्यूल्स को अपनाने में आने वाले लागत को कम किया जा सके और उद्योगों को बदलाव के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
E 20 पेट्रोल पर जोर दे रही है सरकार
सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल स्वक्ष्छ और हरित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गडकरी ने कहा कि पेट्रोल में एथलॉल को मिलने से गाड़ियों पर कोई नकारात्मक असर नहीं हुआ है और बल्कि इससे 1.40 लाख करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
- एथनॉल मिले पेट्रोल प्रदूषण को कम करते है साथ ही एथनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले गन्ने और मक्के जैसे कच्चे मालों के लिए किसानों को लगभग 40,000 करोड़ रुपए मिले हैं।
- E20 पेट्रोल में 20% एथनॉल और 80% पेट्रोल को मिश्रित किया जाता है।ज्यादातर नए वाहन जो 2023 के बाद बने हैं उनमें E20 पेट्रोल के लिए कंपैटिबल रूप से सक्षम इंजन है और उनपर कोई नकारात्मक असर नहीं होता है।2023 से पहले के वाहनों में ईंधन की खपत थोड़ी ज्यादा हो सकती है।
- भारत मे एथनॉल नीति को National Policy on Biofuels के तहत लागू किया गया है। इस नीति को वर्ष 2018 मे शुरू किया गया और बाद मे समय के अनुकूल इसे अपडेट किया गया है।
- इसमे पहले वर्ष 2030 तक पेट्रोल मे 20% एथनॉल वाले E20 पेट्रोल का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब 5 साल पहले ही 2025-26 तक पूरे देश मे लागू करने का लक्ष्य है।
- इसके लिए सरकार किसानों को एथनॉल उत्पादन को बढ़ावा,एथनॉल फसलों जैसे गन्ना,मक्का आदि का उचित मूल्य प्रदान करना और पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने के साथ साथ तेल कंपनियों को प्रोत्साहन भी दे रही है।
बढ़ते प्रदूषण में कमी के लिए जरूरी है ये उपाय
चुकी देश और दुनिया में औद्योगिकरण एवं वाहनों का प्रयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार यदि ऐसे ही तेजी से वाहनों का चलन बढ़ता रहा तो आनेवाले दिनों में स्थिति और भयावह होती जाएगी।इसीलिए समय रहते उसके उपाय करने होंगे।इस दिशा में सरकार के द्वारा किए जाने वाले विभिन्न प्रयास सराहनीय है।
हालांकि उद्योग जगत और आम जन मानस जल्दी से बदलाओं के लिए अपने को तैयार नहीं कर पाती है।इसके लिए उन्हें जागरूक करने के प्रयास करने होंगे।और अपने आनेवाली पीढ़ियों को एक अच्छा पर्यावरण और विकसित आर्थिक व्यवस्था के लिए जागरूक सोच प्रदान करनी चाहिए।
निष्कर्ष
भारत की कृषि प्रणाली तेजी से बदल रही है।E20 पेट्रोल,BS6 नॉर्मस और Flax Engine Tractor मिलकर खेती को अधिक आधुनिक,सस्ता और पर्यावरण के अधिक अनुकूल बना रहे है। इन तकनीकों के माध्यम से न केवल सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा बल्कि किसानों की आय बढ़ेगी और देश आत्मनिर्भर बनेगा।
अगर भारत को Green Economy बनाना है तो इन तकनीकों को समय रहते ही अपनाना जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1. E20 पेट्रोल क्या होता है?
उत्तर: E20 पेट्रोल एक ऐसा ईंधन है जिसमे 20% एथनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है। यह पर्यावरण के लिए बेहतर और सस्ता विकल्प माना जाता है।
प्रश्न 2. क्या सभी गड़िया E20 पेट्रोल पर चल सकती है?
उत्तर: नहीं, सभी गड़िया E20 पेट्रोल पर नहीं चल सकती। 2023 से पहले की गाड़ियों को ज्यादा दिक्कत होगा जबकि नई BS6 गड़िया इसके अनुकूल होती है जो चल सकती है।
प्रश्न 3. BS6 (Bharat Stage VI) क्या है?
उत्तर: BS6 भारत का प्रदूषण नियंत्रक मानक है,जो वाहनों से निकलने वाले हानिकारक गैसों और तत्वों को कम करता है जिससे पर्यावरण सुरक्षा मे मदद मिलती है।
प्रश्न 4. क्या ट्रैक्टर मर BS6 लागू होता है?
उत्तर: अभी ट्रैक्टर पूरी तरह BS6 के अंतर्गत नहीं आते है, लेकिन भविष्य मे इन पर भी सख्त प्रदूषण नियम लागू होने की संभावना है।
प्रश्न 5. Flax Engine Tractor क्या होता है?
उत्तर: यह ऐसा ट्रैक्टर होता है जो एक से अधिक प्रकार के ईंधन जैसे एथनॉल,CNG और डीजल आदि पर चल सकते है।
प्रश्न 6 क्या Flax Engine Tractor भारत मे उपलब्ध है?
उत्तर: अभी यह तकनीक पूरी तरह से भारत मे उपलब्ध नहीं है,कई सारी कंपनियां इस पर शोध और परीक्षण कर रही है। जो आने वाले दिनों मे मार्केट मे लंच भी हो सकती है।
प्रश्न 7. E20 पेट्रोल से माइलेज पर क्या असर पड़ता है?
उत्तर: E20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन यह पर्यावरण सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत के लिए अधिक अच्छा है।
प्रश्न 8. E20 नीति से किसानों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ना और मक्का की मांग बढ़ेगी,जिससे किसानों की आय मे वृद्धि होगी।
प्रश्न 9. भारत मे E20 कब तक पूरी तरह लागू होगा?
उत्तर: भारत सरकार का लक्ष्य है की 2025-26 तक पूरे भारत मे यह लागू हो जाय।
शायद आपको ये भी पसंद आए
.webp)
🙏🙏
जवाब देंहटाएं