📑 Table of Contents
- ➤ प्रस्तावना
- ➤ स्वदेशी और स्वावलम्बन का संबंध
- ➤ दंत मंजन व्यवसाय क्यों शुरू करे?
- ➤ व्यवसाय के लिए आवश्यक कच्चा माल
- ➤ कामधेनु दंत मंजन बनाने की विधि
- ➤ 2.हर्बल दंत मंजन (लाल दंत मंजन) बनाने की विधि
- ➤ 3.प्रज्ञा दंत मंजन बनाने की विधि
- ➤ स्वदेशी और हर्बल दंत मंजन का मार्केटिंग कैसे करे
- ➤ निष्कर्ष
- ➤ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ
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| स्वदेशी दंत मंजन का व्यवसाय स्वावलंबन के साथ |
प्रस्तावना
आज के दौर मे जहां हर तरफ रसायनों(Chemicals)का बोलबाला है,लोग वापस अपनी जड़ों की ओर लौट रहे है। आज के दौर मे आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक जरूरत बन गई है। इसी बदलाव ने "स्वदेशी" और "स्वावलंबन" के मंत्र को एक नया आयाम दिया है।
यदि आप घर से ही अपना छोटा व्यवसाय(Small Business)शुरू करने की सोच रहे है तो 'प्राकृतिक दंत मंजन' बनाना अत्यंत लाभकारी और कम निवेश वाला विकल्प हो सकता है।
स्वदेशी और स्वावलम्बन का संबंध
स्वदेशी का अर्थ है अपने देश मे बने वस्तुओ और उत्पादों का उपयोग करना,जबकि स्वावलम्बन का अर्थ है अपने पैरों पर खड़े होना। जब हम स्वदेशी उत्पाद बनाते और बेचते है तो हम न केवल खुद को आत्मनिर्भर करते है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करते है और "आत्मनिर्भर भारत" मे योगदान प्रदान करते है।
- स्वावलम्बन मे व्यक्ति अपने जीवन की जिम्मेवारी स्वयं उठता है,दूसरों पर निर्भर नहीं रहता।
- इसमे व्यक्ति अपने कार्यों और सफलताओ के लिए खुद पर भरोसा करता है।
- इसमे व्यक्ति को आर्थिक स्वतंत्र मिलती है और उसका आत्मसम्मान बढ़ता है।
स्वावलम्बन = स्वयं पर भरोसा +स्वयं की मेहनत + स्वयं की जिम्मेदारी
दंत मंजन व्यवसाय क्यों शुरू करे?
- बाजार मे प्राकृतिक दंत मंजन की मांग: क्योंकि अभी जो बाजार मे टूथपेस्ट मिल रहे है उसमे-फ्लोराईड,सोडियम लुरल सल्फेट,एसएलएस और कृत्रिम मिठास जैसे हानिकारक तत्व जो मूसड़ो और स्वस्थ्य को नुकसान करते है मिल रहे है। लोग अब इनसे ऊब चुके है और 'केमिकल फ्री' विकल्पों की तलाश मे है। ये तलाश प्राकृतिक दंत मंजन मे पूरी हो जाती है।
- कम लागत: इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए मात्र 5,000 से 15,000 रुपये की जरूरत होती है। इतने कम लागत होने से इसको शुरू करने मे कोई दिक्कत नहीं आती है।
- घर से ही शुरू होनेवाला: कम लागत के साथ ही यह व्यवसाय अपने घर से ही शुरू कर सकते है। जिससे न ही किराया देना पड़ता है और न ही घर से दूर रहना होता है। साथ ही घर के लोग भी इसमे आसानी से इसमे सहयोग कर पाते है।
- हमेशा मांग वाला: यह ऐसा उत्पाद है जिनकी जरूरत प्रतिदिन(Daily Need)लोगों को पड़ती है। जिससे इसकी मांग हमेशा मार्केट मे बनी रहती है।
- लाभदायक होना: जितना ही कम लागत बैठता है इसको शुरू करने के लिए उतना ही ये लाभदायक व्यवसाय है। एक 20 रुपये लागत वाले डिब्बे को मार्केट मे 60 रुपये से ऊपर आसानी से बेचा जा सकता है। यानि 100% से अधिक मार्जिन से लाभ देने वाला व्यवसाय है ये।
व्यवसाय के लिए आवश्यक कच्चा माल
एक प्रभावी और शुद्ध मंजन बनाने के लिए आपको निम्नलिखित मुख्य सामग्री की आवश्यकता होगी -
- आधार सामग्री(Base Material): इसमे बारीक पीसी हुई खड़िया मिट्टी,मुल्तानी मिट्टी,गेरू मिट्टी और लकड़ी का कोयला आदि होता है।
- सफाई और कीटाणुनाशक: सेंध नामक,भुनी हुई फिटकरी और बेकिंग सोडा।
- औषधीय जड़ी बूटिया: नीम के पत्तों का पाउडर,बाबुल की छाल,त्रिफला,हल्दी और माजूफल मुख्य है।
- स्वाद और ताजगी: लौंग का तेल,पिपरमेंट,इलायची पाउडर और दालचीनी।
पैकेजिंग और ब्रांडिंग
कहा जाता है की "जो दिखता है वही बिकता है" इसलिए प्राकृतिक उत्पाद के लिए प्लास्टिक की जगह एक 'इको फ़्रेंडली' पैकेजिंग चुने -
- कांच की छोटी शीशियाँ: जो उत्पाद को प्रीमियम लुक देती है।
- क्राफ्ट पेपर पाउच: बजट और पर्यावरण के अनुकूल।
- टीन के डिब्बे: पुराने यादों को ताजा करने वाली और टिकाऊ।
- नाम और लोगो: एक अच्छा सा नाम काम के अनुसार जैसे-"ऋषि-सुधि" या "हर्बल स्माईल मंजन" या "हर्बल नीम मंजन" आदि।
लाईसेंस और कानूनी औपचारिकताएं
वैसे तो इन कुटीर और घरेलू उत्पादों को आप बिना लाईसेंस के भी बेच सकते है। लेकिन भारत मे कॉस्मेटिक्स और आयुर्वेदिक उत्पादों को बेचने से पहले कुछ कानूनी लाईसेंस और नियमों का पालन करना होता है -
- Msme/Udyam Registration: इसके जरिए आपको सरकारी लोन और सब्सिडी मिलने मे भी आसानी रहेगी।
- ट्रेड लाईसेंस(Trade Licence): स्थानीय निकाय जैसे नगर निगम से व्यापार की अनुमति मिल जाती है।
- आयुष लाईसेंस(Aayush Licence): यदि आप औषधीय दावों के साथ मंजन को बेच रहे है तो आयुष लाईसेंस को भी प्राप्त कर ले।
- GST Registration: यदि आपका व्यवसाय बढ़ता है और Gst के दायरे मे आ जाता है तो उससे पहले ही आप इसका सर्टिफिकेट प्राप्त कर ले।
1.कामधेनु दंत मंजन बनाने की विधि
उपयोग:दांतों मे कीड़े लगना,दांतों मे पानी लगना या गरम वस्तु लगना, मसूड़ों का फूलना,मुंह का दर्द,जीभ के छाले,गले मे खराश, टॉन्सिल रोग,मुंह दुर्गंध,पायरिया,आदि मे पूर्ण लाभकारी होता है।
आवश्यक सामग्री की तालिका :
बनाने की विधि:-
- कन्डे का कोयला बनाना: सबसे पहले गोबर के कंडे को साफ सुथरा जगह पर कड़ाही मे रख कर जलाए। जब आधे जल जाए तो किसी बर्तन से उसे ढँक दे। आधे घंटे बाद पूरी तरह से जले हुए राख को संभाल कर इकठ्ठा कर ले।
- पाउडर बनाए: अब इस बने कोयले को खरल मे बारीक पीसकर,सूती के बारीक कपड़े से रगड़कर और छानकर बहुत बारीक पाउडर बना ले।
- कपूर और अजवाईन: अब उपरोक्त मात्र के अनुसार कपूर और अजवाईन के सत्त को एक सीसी मे मिलकर एक घंटा रखे। यह अपने आप घुलकर 40 मिली ली का कपूर का तेल बन जाएगा। कुछ कमी रहे तो अच्छी तरह से हिलाकर ठीक कर ले।
- पाउडर मिलाए: अब कपूर के 40 मिली ली तेल को उपरोक्त 1 किलो कोयले के पाउडर मे डाल दे।
- पानी मे घोल: अब सादा नमक को पानी मे मिलाकर(उपरोक्त मात्र अनुसार)गरम करके पूरा नमक को घोल दे।
- तीनों को मिलाए: अब तीनों चीज(कोयला,कपूर तेल और नमक का घोल) को किसी साफ बर्तन या कड़ाही मे अच्छी तरह हाथों से मल कर मिलाए। तत्पश्चात इसे खरल मे आधे घंटे तक रगड़े और बहुत ही बारीक पाउडर बना ले।
- पैक करे: अब आपका कामधेनु दंत मंजन तैयार है इसे शीशियों मे पैक कर ले ,इसे सूखने न दे, बल्कि इसे नमी की स्थिति मे ही पैक करे।
इस तरह से आप आसानी से कामधेनु दंत मंजन तैयार कर पाएंगे। ज्यादा मात्रा मे बनाने के लिए ठीक इसी अनुपात मे सभी सामग्री की मात्रा को बढ़ा दे।
2. हर्बल दंत मंजन (लाल दंत मंजन) बनाने की विधि
हर्बल दंत मंजन भी कामधेनु दंत मंजन की तरह बनाया जाता है। इसमें सामग्री थोड़ी बदल जाती है। इसे लाल दंत मंजन भी कहा जाता है। लाल दंत मंजन की भी मार्केट मे बहुत मांग होती है।
आवश्यक सामग्री की तालिका :
आवश्यक उपकरण :
- इमाम दस्ता
- खरल
- मैदा छानने की चलनी
- पैकिंग मशीन
बनाने की विधि:
- फिटकरी को गरम तवे पर रखकर भून ले। भुनने पर यह फूलकर बताशे के समान हो जाती है।
- इसके पश्चात फिटकरी तथा अन्य सभी समान को अलग-अलग पीसकर मैदा छानने वाली चलनी से छान ले।
- छानने के बाद सभी को अच्छी तरह एक साथ मिक्स कर दे तथा इच्छानुसार शीशियों मे पैकिंग कर ले।
नोट: यदि सफेद दंत मंजन बनाना हो तो गेरू के जगह सफेद खड़िया,मिट्टी का चाक मिट्टी पाउडर इस्तेमाल किया जाता है। अन्य समान व विधि ठीक वैसी ही रहेगी।
3.प्रज्ञा दंत मंजन बनाने की विधि
उपयोग: दांतों मे पानी लगना या गरम वस्तु लगना,मसूड़ों मे मवाद,जीभ के छाले,गले मे खरास,टांसिल रोग,मुंह की दुर्गंध एवं दंत दर्द आदि मे ये बहुत ही कारगर और लाभकारी होता है।
बनाने की सामग्री:
आवश्यक उपकरण:
- इमाम दस्ता (खरल)
- गैस चूल्हा
- कड़ाही
- मैदा छानने की चलनी
- पैकिंग सामग्री
बनाने की विधि:
- फिटकरी को कड़ाही मे रखकर चूल्हे पर गरम करे। गरम करने पर यह बताशें की तरह फूलने लगती है। इसे दोनों तरफ से उलट-पलट कर भून कर चाक के समान सफेद कर ले।
- इसके पश्चात भीनी फिटकरी को पीसकर चलनी मे छानकर बारीक पाउडर बना ले।
- सेंधा नमक,काली मिर्च और लौंग को पीसकर छानकर इसमे फिटकरी पाउडर मिल ले।
- पिपरमेंट,भीमसेनी कपूर और अजवायन सत्त अलग-अलग पीसकर शीशी मे 30 मिनट के लिए रख ले। यह द्रव बन जाएगा। इस द्रव को फिटकरी मिश्रित पाउडर मे अच्छी तरह मिलाकर पैकिंग कर ले। अब आपका प्रज्ञा दंत मंजन तैयार हो गया है।
उपरोक्त बताए गए तीनों प्रकार के दंत मंजन की मांग होती है क्योंकि तीनों ही मुंह,दंत और इससे संबंधित समस्याओं मे अच्छी तरह लाभदायक होती है।
स्वदेशी और हर्बल दंत मंजन का मार्केटिंग कैसे करे
- पैकिंग का सहयोग: पैक करते समय इसके लेवल पर "100% हर्बल" "केमिकल फ्री" और "दांतों एवं मसूड़ों के लिए लाभकारी" जरूर लिखवाए।
- लोकल मार्केट: अभी देश मे लोकल फॉर वोकल(Local for Vocal)का ट्रेंड चल रहा है। और इन स्वदेशी मंजन का डिमांड पहले से ही है। बस आपको शुरू मे लोकल किराना दुकानों से मिलकर इसका मार्केटिंग करनी होगी। उन्हे मार्जिन और अन्य आकर्षक ऑफर भी देने होंगे। आपकी मार्केट आसानी से बन जाएगी।
- मेडिकल स्टोर: इन स्वदेशी दंत मंजन का मांग हमेशा रहता है। इसलिए सभी दवा दुकान इसे रखते है। मेरा खुद का आयुर्वेदिक दवा का होल सेल दुकान है बक्सर बिहार मे जहां से इन मंजनों की विक्री होती है और सभी मेडिकल स्टोर वाले भी इसका ऑर्डर करते है। आप भी अपने क्षेत्र के सभी मेडिकल स्टोर से ऑर्डर ले ले।
- फ्री सैम्पल: आप मार्केट मे कुछ लोगों और संस्थाओ को फ्री सैम्पल देकर इसका अच्छा प्रचार कर सकते है। जैसे अपने क्षेत्र के डॉक्टर और निजी स्वास्थ्य केंद्र आदि।
- डिजिटल मार्केटिंग का उपयोग: अभी डिजिटल इंडिया का जमाना चल रहा है। अपने व्हाट्सअप मे स्टैटस लगाए,इंस्टाग्राम पर प्रचार करे,फेसबुक ग्रुप मे प्रचार डाले बहुत बढ़िया मांग बढ़ेगी।
- Ads चलाकर: यदि आप और ज्यादा सक्षम है तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर Ads के माध्यम से ऑटोमैटिक ऑर्डर प्राप्त कर सकते है।
इस प्रकार से घर पर दंत मंजन बनाने का व्यवसाय न केवल आर्थिक स्वतंत्रता देता है,बल्कि आप समाज को एक स्वास्थ्यप्रद विकल्प भी प्रदान करते है। साथ ही यह एक छोटे स्तर से शुरू होकर एक बड़ा ब्रांड बनने की क्षमता रखता है।
क्या आप अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए तैयार है?क्या आपको सामग्री या सप्लायर को लेकर कोई सवाल है?तो नीचे कॉमेंट मे जरूर बताए ..
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1. क्या घर का बना दंत मंजन को रोजाना इस्तेमाल करना सुरक्षित है?
उत्तर: हाँ यदि मंजन को बहुत बारीक कपड़े से छाना गया है तो ये पूरी तरह सुरक्षित है। प्राकृतिक सामग्री जैसे नीम और लौंग दांतों को बिना किसी नुकसान के साफ करती है।
प्रश्न 2. क्या यह मंजन बच्चों के लिए सुरक्षित है?
उत्तर: बिल्कुल। चूंकि इसमे कोई हानिकारक रसायन या कृत्रिम मिठास(Artificial Sweetener) का इस्तेमाल नहीं किया जाता है इसलिए इसे बच्चे भी उपयोग कर सकते है।
प्रश्न 3. घर के बने दंत मंजन की शेल्ड लाइफ क्या है?
उत्तर: यदि पैकिंग अच्छी है तो 6 महीने से एक साल तक खराब नहीं होता है।
प्रश्न 4. क्या यह मंजन दांतों के पीलेपन को दूर करता है?
उत्तर: हाँ। इसमे मौजूद सेंधा नमक और लकड़ी का कोयला(Active Charcoal)प्राकृतिक तरीकों से दांतों की सफाई करता है और पीलेपन को दूर कर देता है।
प्रश्न 6. मैं अपने बनाए मंजन को ऑनलाइन कहा बेच सकता हूँ?
उत्तर: आप इसे अपनी खुद की वेबसाइट बनाकर उसपर बेच सकते है,या आप Amazon, Flipkart या सोशल साइट जैसे व्हाट्सअप फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से भी बेच सकते है।
निष्कर्ष:
अंत मे स्वावलंबन केवल एक शब्द नहीं है बल्कि अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हे समाज के लाभ के लिए उपयोग करने का एक माध्यम है।
घर पर दंत मंजन बनाने का यह व्यवसाय न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि लोगों को हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल से बचाकर एक स्वास्थ्य जीवन जीने मे भी मदद करेगा।
याद रखे हार ब्रांड एक छोटे से विचार और अटूट मेहनत से शुरू होता है। आपके रसोई का कोना एक बड़े व्यवसाय का मुख्यालय(Headquarter)भी बन सकता है।

