प्रस्तावना:कृषि और तकनीक का नया संगम आज का भारत बदल रहा है,और इस बदलाव की गूंज अब हमारे खेतों और खलिहानों मे भी सुनाई दे रही है। खेती अब केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है,बल्कि इसमें डिजिटल इंडिया और आधुनिक तकनीक जैसे नवाचारों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
इस दिशा मे भारत की दो महत्वकांक्षी योजनाएं -नमो ड्रोन दीदी (Namo Drone Didi) और e-NAM (National Agriculture market) ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल रही है।
जहां एक ओर ड्रोन दीदी के माध्यम से हमारी ग्रामीण महिलाएं आसमान में ड्रोन उड़ाकर खेती को हाइटेक बना रही है,वही दूसरी ओर e-NAM पोर्टल किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलाने के लिए एक डिजिटल मंडी प्रदान कर रहा है। लेकिन,क्या आपने कभी सोचा है की जब ड्रोन की सटीकता और डिजिटल बाजार की पारदर्शिता एक साथ मिल जाए,तो भारतीय किसानों की किस्मत कैसे चमक सकती है ?
इस लेख मे हम विस्तार से जानेंगे कि नमो ड्रोन दीदी और e-NAM का यह अनूठा संगम खेती की लागत को कम करने,पैदावार बढ़ाने और किसानों को बिचौलियों के जाल से मुक्त कराने में मिल का पत्थर कैसे साबित हो रहा है। साथ ही e-NAM प्रक्रिया की स्टेप बाई स्टेप जानकारी।
e-NAM (National Agriculture Market):घर बैठे फसल की बिक्री
1. e-NAM क्या है ?
- e-NAM भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वकांक्षी योजना है, जो पूरे देश की कृषि उपज मंडियों (APMCs) को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ती है।
- सरल भाषा मे कहा जा सकता है कि, यह किसानों के लिए 'अमेजॉन' या 'फ्लिपकार्ट' जैसा एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां वे अपनी फसल को पूरे देश के व्यापारियों को बेच सकते है।
- e-NAM की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल 2016 को की गई थी। इसी दिन बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 125 वी जयंती थी। अतः सरकार ने इसे 'सामाजिक न्याय' के प्रतीक के रूप मे कृषि क्षेत्र मे पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शुरू किया।
- शुरुआत मे इसे केवल 21 मंडियों के साथ 8 राज्यों मे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था,लेकिन यह आज देश भर की 1300 से अधिक मंडियों को जोड़ चुका है।
- "लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (SFAC)" इसका नोडल एजेंसी है। जो कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय,भारत सरकार के अंतर्गत काम करता है।
- e-NAM का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को खत्म करना और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाना था।
इस तरह से e-NAM किसानों के लिए "एक राष्ट्र-एक बाजार" प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रही है जहां पारदर्शी नीलामी,फसल गुणवत्ता की लैब मे जांच और फसल बिकने के बाद भुगतान सीधे किसानों के खाते मे आ जाने की सुविधा उपलब्ध है। सरकार अब e-NAM के जरिए ट्रक और परिवहन सुविधा भी जोड़ रही है,ताकि फसलों को दूसरी मंडियों तक आसानी से पहुंचाया जा सके।
एक उदाहरण, के माध्यम से पूरी प्रक्रिया को समझते है मान लीजिए आप राजस्थान के एक किसान है और आपके पास उन्नत गुणवत्ता की बाजार है। स्थानीय मंडी मे व्यापारी आपको कम दाम दे रहे है।
तब आप ई-नाम पर रजिस्टर होने के बाद,हो सकता है की दिल्ली, या गुजरात का कोई व्यापारी आपको फसल की गुणवत्ता रिपोर्ट देखकर स्थानीय मंडी से 20% ज्यादा दाम देने को तैयार हो जाय। तब आप ऑनलाइन सौदा पक्का कर सकते है।
2. e-NAM की उपलब्धियां
ई-नाम धीरे धीरे लोकप्रियता के ग्राफ मे ऊपर की ओर बढ़ती जा रही है। यह इसके उपलब्धियों को देखकर आसानी से समझा जा सकता है।इसकी कुछ मुख्य उपलब्धियों को संक्षेप मे देखा जाय तो -
- मोबाईल एप: अब तक 30 लाख से अधिक किसानों ने ई-नाम मोबाईल एप डाउनलोड किया है,जिससे वे घर बैठे मंडी का भाव और भुगतान की स्थिति ट्रैक कर रहे है।
- अन्तर-राज्यीय व्यापार: अब किसान केवल अपने राज्य की मंडियों तक सीमित नहीं है,ये एक राज्य से दूसरे राज्यों मे आसानी से अपने माल को बेच रहे है।
- FPO: अब ई-नाम पर किसानों के साथ साथ किसान समूह भी जुड़ रहे है जिससे छोटे किसानों की मोलभाव की शक्ति बढ़ी है।
- लोजिस्टिक माड्यूल: e-NAM ने अब "प्लेटफॉर्म ऑफ प्लेटफार्म्स"(PoP) लांच किया है,जो किसानों को बाजार के साथ साथ परिवहन,भंडारण, और Fintech सेवाएं भी एक ही जगह प्रदान कर रही है।
विवरण | आंकड़े (लगभग) |
कुल पंजीकृत किसान | 1.80 करोड़ से अधिक |
पंजीकृत व्यापारी | 2.5 लाख से अधिक |
सम्बद्ध मंडिया | 1389 मंडिया (28 राज्यों मे ) |
कुल व्यापार मूल्य | 3.5 लाख करोड़ रुपया से अधिक |
पंजीकृत FPOs | 3,500 से अधिक |
और जानने योग्य बात यह है कि,
अब e-NAM पोर्टल पर केवल अनाज ही नहीं, बल्कि फल,सब्जियां,तिलहन और मसालों जैसे 200 से अधिक वस्तुओं का व्यापार किया जा रहा है। इसमें बागवानी क्षेत्र के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।
3. e-NAM पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करे ?
क्या आप अपने फसलों को स्थानीय मंडी के कम दामों पर बेचने को मजबूर है? तो अब और नहीं !! आप तुरंत भारत सरकार के e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) पोर्टल आपको देशभर के व्यापारियों से जोड़ता है। आईए जानते है इस पोर्टल पर कैसे रजिस्टर करके आप भी इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा कैसे बन सकते है -
☞ e-NAM पंजीकरण प्रक्रिया : स्टेप बाय स्टेप गाईड
कोई भी किसान भाई नीचे दिए गए प्रक्रिया को बेहद ही आसान स्टेप्स मे पालन करके आसानी से ई-नाम पर अपना पंजीकरण कर सकते है..
- पंजीकरण चुने: आप होमपेज पर जाकर Registration विकल्प को चुने और क्लिक करे।
- विवरण भरे: अपना नाम,मोबाईल नंबर,आधार कार्ड विवरण और पता दर्ज करे।
- बैंक विवरण भरे: अपनी बैंक पासबुक के हिसाब से अपना सही खाता संख्या और IFSC Code भरे। इसी अकाउंट मे सीधे पैसा आपके पास आएगा।
- दस्तावेज अपलोड करे: अपने आधार कार्ड और बैंक पासबुक की स्कैन की हुई कापी या फोटो को अपलोड करे।
- सत्यापन: फार्म सबमिट करने के बाद ,आपके नजदीकी ई-नाम मंडी के अधिकारी आपके विवरण की जांच करेंगे और आपका खाता सक्रिय कर देंगे।
नोट: आप अपने स्मार्टफोन पर e-NAM Mobile App डाउनलोड करके भी यह पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी कर सकते है।
☞पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:
पंजीकरण शुरू करने से पहले से ही अपने पास ये चीजे रख ले -
- बैंक पासबुक(साफ फोटो के साथ)
- सक्रिय मोबाईल नंबर(OTP के लिए)
- मंडी का नाम(जहां आप अपनी फसल ले जाना चाहते है)
नमो दीदी ड्रोन योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई "नमो ड्रोन दीदी योजना"केवल एक तकनीक नहीं,बल्कि ग्रामीण महिलाओ के सशक्तिकरण का एक बड़ा आंदोलन है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 'स्वयं सहायता समूह (SHGs) के 15,000 महिलाओ को प्रशिक्षित कर उन्हे ड्रोन पायलट बनाना है।
यह योजना 30 नवंबर 2023 से शुरू की गई थी और इसके लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने Rs 1261 करोड़ का बजट का प्रवधान किया है।
इस योजना के माध्यम से गांव की महिलाएं अब -
- ड्रोन उड़ाएगी।
- खेतों मे सेवाएं देगी।
- इससे कमाई भी करेगी।
यह योजना कृषि+महिला रोजगार+टेक्नोलॉजी इन तीनों को जोड़ती है।
1. नमो ड्रोन दीदी योजना के उद्देश्य एवं फायदे:
- खेतों मे नई तकनीक को बढ़ावा देना।
- ग्रामीण महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाना।
- खेती मे लागत कम करना और उत्पादकता बढ़ाना।
- महिलाओ को ड्रोन सर्विस से कमाई का मौका देना।
- खेतों मे सर्वे का कार्य आसानी से करना।
- जमीन का सर्वे का कार्य भी सुगम होगा।
- सरकारी योजनाओं का आसानी से निरीक्षण संभव होगा।
- भविष्य मे बीमा सर्वे,मैपिंग और आपदा प्रबंधन मे भूमिका होगी।
इसके लिए सरकार ड्रोन की खरीद पर भारी सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। इसके लिए सरकार लगभग 80% से ज्यादा की सब्सिडी दे रही है। जिसके लिए अधिकतम सहायता 8 लाख रुपये तक की रखी गई है।
साथ ही इस योजना मे महिलाओ को फ्री ट्रेनिंग भी प्रदान की जाएगी जिसमे -ड्रोन उड़ाने,खेतों की निगरानी और बीज एवं खाद का छिड़काव प्रमुख है।
2. नमो ड्रोन दीदी योजना का आवेदन कैसे करे:
इसलिए आवेदन करने के लिए सबसे पहला काम -
- अपने गांव मे SHGs खोजे और उसमे जुड़ जाए।
- इसके लिए आप ग्राम पंचायत,ब्लाक ऑफिस या आजीविका मिशन ऑफिस(NRLM) जाकर पता कर सकती है और उससे जुड़ सकती है।
जब योजना आपके जिले मे शुरू होगी तब SHGs इच्छुक महिलाओ की सूची बनाएगा और उसे ब्लॉक या जिला कार्यालय मे भेजेगा और चयन के लिए आवेदन करेगा।
- जिला स्तर का कार्यालय सक्रिय SHGs का उनके रेकॉर्ड्स के आधार पर चयन करता है।
- चयन के बाद महिलाओ को ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर भेजा जाता है जहां उसे 10-15 दिनों की ट्रेनिंग मे सभी जरूरी चीजे सिखाया जाता है। यह ट्रेनिंग बिल्कुल फ्री होता है।
जरूरी डॉक्युमेंट्स : आवेदन शुरू होते ही जरूरी डॉक्युमेंट्स अपने पास रखे-
नमो ड्रोन दीदी बनाम e-NAM: कृषि और तकनीक का संगम
विशेषता | नमो ड्रोन दीदी योजना (Namo Drone Didi) | e-NAM (National Agriculture Market) |
मुख्य उद्देश्य | खेती में ड्रोन तकनीक का उपयोग और महिला सशक्तिकरण। | खेती की उपज के लिए डिजिटल मंडी और पारदर्शी व्यापार। |
मुख्य लाभार्थी | स्वयं सहायता समूह (SHGs) की ग्रामीण महिलाएं। | देश के सभी किसान, व्यापारी और खरीदार। |
तकनीक का उपयोग | खेती में कीटनाशकों और खाद का सटीक छिड़काव (Spraying)। | फसल की ऑनलाइन नीलामी और डिजिटल भुगतान (Online Payment)। |
प्रमुख लाभ | लागत में कमी, पानी की बचत और महिलाओं की ₹2-3 लाख अतिरिक्त आय। | बिचौलियों का अंत, पूरे भारत के बाजार तक पहुंच और सही दाम। |
सरकार की भूमिका | ड्रोन खरीदने के लिए 80% तक सब्सिडी और ट्रेनिंग देना। | मंडियों को ऑनलाइन जोड़ना और गुणवत्ता जांच (Assaying) सुनिश्चित करना। |
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| नमो दीदी गांव के खेतों में ड्रोन का परीक्षण करती हुई |
खेती मे ड्रोन दीदी और e-NAM का संगम
अब सवाल यह है की ये दोनों योजनाएं एक साथ मिलकर कैसे काम करती है -
- बेहतर पैदावार:बेहतर दाम: जब ड्रोन दीदी नैनो यूरिया का छिड़काव करती है,तो फसल की गुणवत्ता मे सुधार होता है। और यह उच्च गुणवत्ता वाली फसल e-NAM पर लिस्ट होती है तो, किसानों को बाजार से ज्यादा भाव मिलता है।
- डाटा ड्रिवन फार्मिंग: ड्रोन से मिलने वाले डाटा का प्रयोग करके किसान e-NAM पर अपनी फसल की सटीक जानकारी दे सकते है, जिससे खरीददारों का विश्वास बढ़ता है।
- ग्रामीण आत्मनिर्भरता: एक तरफ गांव की महिलाएं ड्रोन पायलट बनकर कमा रही है, तो वही दूसरी तरफ किसान e-NAM के जरिए बिचौलियों से मुक्त होकर अपनी आय बढ़ा रहे है।
- समय और श्रम की बचत: जो काम घंटों मे होता था वही काम अब ड्रोन के माध्यमों से मिनटों मे हो जाता है। बचे हुए समय का उपयोग किसान e-NAM पर मंडी के भाव ट्रैक करने और सही समय पर फसल बेचने का निर्णय लेने मे कर सकते है।
इन दोनों का संगम (The Synergy):
संगम का बिंदु | यह कैसे काम करता है? | इसका परिणाम क्या है? |
फसल की गुणवत्ता | ड्रोन से छिड़काव करने पर फसल स्वस्थ और एक समान होती है। | e-NAM पर अच्छी क्वालिटी की फसल को प्रीमियम दाम मिलते हैं। |
डिजिटल डेटा | ड्रोन से फसल की मैपिंग और स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार होती है। | किसान इस डेटा का उपयोग e-NAM पर खरीदारों का भरोसा जीतने में करते हैं। |
गाँव का विकास | गांव की महिलाएं तकनीकी सेवाएं (Drone Service) दे रही हैं। | किसान उसी डिजिटल तकनीक से फसल बेचकर सीधे बैंक में पैसा पा रहे हैं। |
निष्कर्ष (Conclusion)
नमो ड्रोन दीदी और e-NAM केवल सरकारी योजनाएं नहीं है, बल्कि ये बदलते भारत की डिजिटल पहचान है। जहां ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओ को टेक्नोलॉजी लीडर' बना रही है वही 'e-NAM' पोर्टल किसानों को बिचौलियों से मुक्ति दिला रहा है और उन्हे अपने फसल के असली हिस्से का हकदार बना रहा है।
जब ये दोनों तकनीक साथ चलती है तो, न केवल खेती की लागत कम होती है,बल्कि पैदावार की गुणवत्ता भी बढ़ती है। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हमारे गांव तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर होंगे। यदि आप भी एक किसान है या कृषि क्षेत्र से जुड़े है, तो आज ही इन डिजिटल पहलों का लाभ उठाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: e-NAM योजना क्या है? ▼
उत्तर: e-NAM(National Agriculture Market)एक ऑनलाइन कृषि मंडी प्लेटफॉर्म है जहां किसान अपनी फसल देश भर के खरीददारों को बेच सकते है और बेहतर कीमत पा सकते है
प्रश्न 2: e-NAM से किसानों की आय कैसे बढ़ेगी? ▼
उत्तर: किसानों की आय बढ़ेगी:
1. देश भर के खरीददारों तक पहुँच से
2. बिचौलियों की भूमिका कम होने से
3. ऑनलाइन बोली से बेहतर दाम मिलने से
4. भुगतान सीधे बैंक खाते मे आने से
प्रश्न 3: नमो ड्रोन दीदी योजना क्या है? ▼
उत्तर: यह सरकार की योजना है जिसमे महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन देकर खेती मे स्प्रे,सर्वे,फसल निगरानी,आदि का काम कराया जाता है जिससे किसानों की लागत कम होने के साथ समय की भी बचत होती है और उनकी आय बढ़ती है
प्रश्न 4: ड्रोन खेती मे किसानों को क्या फायदा मिलता है? ▼
उत्तर: इससे किसानों को -1. कम समय मे दवाई और खाद का स्प्रे होता है
2. दवाई कम बर्बाद होने से उसकी बचत होती है
3. मजदूरी का खर्चा कम हो जाता है
4. फसल की देखभाल और सुरक्षा बेहतर हो जाती है
प्रश्न 5: क्या छोटे किसान भी e-NAM का उपयोग कर सकते है? ▼
उत्तर: हां!कोई भी किसान अपने नजदीकी e-NAM मंडी मे पंजीकरण कराकर अपने उत्पाद को बेच सकता है
प्रश्न 6: ड्रोन स्प्रे से लागत कितनी कम होती है? ▼
उत्तर: ड्रोन स्प्रे से 20-30% लागत कम हो जाती है और 70% समय की बचत हो जाती है
प्रश्न 7: क्या नमो ड्रोन दीदी योजना केवल महिलाओं के लिए है? ▼
उत्तर: हां! यह योजना खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं और SHG समूहों के लिए है
प्रश्न 8: क्या e-NAM और ड्रोन दीदी योजना दोनों मिलकर किसानों की आय दोगुना कर सकते है? ▼
उत्तर: हां! e-NAM बेहतर बाजार देता है और ड्रोन दीदी योजना खेती की लागत को घटाते है जिससे दोनों मिलकर किसानों की आय को बढ़ाने मे अच्छा योगदान करते है
प्रश्न 9: भविष्य मे डिजिटल खेती का क्या भविष्य है? ▼
उत्तर: आने वाले समय मे स्मार्ट खेती,ड्रोन,AI और ऑनलाइन मंडी ही किसानों के आय बढ़ाने के मुख्य साधन होंगे
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