📑 Table of Contents
- ➤ भूमिका
- ➤ क्या कुसुम योजना सच मे खत्म हो रही है ?
- ➤ नई समय सीमा (New Deadline 2026-27) क्या है ?
- ➤ सरकार ने क्यों बढ़ायी डेडलाइन ?
- ➤ किसानों के लिए सलाह
- ➤ क्या है पीएम कुसुम योजना: जानिए पूरी जानकारी(Complete Details)
- ➤ निष्कर्ष
- ➤ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ
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| पीएम कुसुम योजना मार्च 2026 अपडेट डेडलाईं मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है |
भूमिका
आजकल इंटरनेट और सोशल मीडिया पर किसानों के बीच एक बड़ी चिंता बनी हुई है की क्या प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) योजना मार्च 2026 मे खत्म हो जाएगी ? इसी विषय पर आज इसकी गहराई से पड़ताल करने के बाद ये जानकारी साझा किया जा रहा है।
अगर आप भी सोलर पम्प लगवाने की सोच रहें है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है।
क्या कुसुम योजना सच मे खत्म हो रही है
सीधा जवाब है--- नहीं!! भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy of India - (MNRE) ने स्पष्ट किया है कि,योजना को बंद करने के बजाय इसकी समय सीमा (Deadline)को आगे बढ़ाया गया है।
नई समय सीमा (New Deadline 2026-27) क्या है ?
सरकार ने विभिन्न कॉम्पोनेन्ट के लिए अलग-अलग राहत दी है।
- सोलर फीडर और ग्रिड प्रोजेक्ट (Component A): इनके लिए काम पूरा करने की तारीख अब 31 मार्च 2027 कर दी गई है।
- व्यक्तिगत सोलर पम्प (Component B): इसके लिए भी प्रक्रिया जारी है और सरकार ने इसे 30 सितंबर 2026 तक का विस्तार कर दिया है।
सरकार ने क्यों बढ़ाई डेडलाइन ?
योजना को आगे बढ़ाने के पीछे तीन मुख्य करण है। जो इस प्रकार से है -
- अधूरे लक्ष्य: कई राज्यों मे अभी भी तय किए गए सोलर पम्प लगाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है।
- किसानों की मांग: सोलर पम्प के लिए अभी भी आवेदन बहुत संख्या मे आ रहे है।
- कुसुम 2.0 की तैयारी: सरकार इस योजना को और अधिक सरल बनाने के लिए इसके नया और डिजिटल वर्जन जिसे कुसुम 2.0 कहा जा रहा है पर काम कर रही है,और ये भी बहुत जल्दी ही लांच हो जाएगी।
किसानों के लिए यही सलाह है कि यदि अभी तक आपने भी कुसुम योजना के लिए आवेदन नहीं किया है, तो घबराए नहीं क्योंकि -
- ऑफिसियल पोर्टल अपडेट: हमेशा अपने राज्य के बिजली विभाग या MNRE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक करते रहे, वहां पर जैसे ही नया नोटिफिकेशन इस योजना के बारे मे किया जाएगा इस पर अपडेट हो जाएगा।
- धोखाधड़ी से बचे: योजना बंद होने के नाम पर कई फर्जी लोग और वेबसाईटें आपसे पैसे ठगने की कोशिश कर सकती है। सरकारी सब्सिडी सीधे आपके कहते या अधिकृत वेंडर के माध्यम से ही मिलते है इसलिए किसी अन्य प्रलोभन मे न आए।
- कॉम्पोनेन्ट A:(बंजर जमी से कमाई): अगर आपके पास ऐसी जमीन है जहां खेती नहीं होती यानि जो बंजर या ऊसर जमीन है,तो आप वहां 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक का छोटा सोलर पॉवर प्लांट लगा सकते है। इससे बनने वाली बिजली सरकार खरीदेगी और आपको हर महिनें कमाई होगी।
- कॉम्पोनेन्ट B:(नया सोलर पम्प): यह सबसे लोकप्रिय हिस्सा है। इसमें उन इलाकों के लिए जहां बिजली का कनेक्सन नहीं है, वहां सरकार स्टैन्डअलोन सोलर पम्प लगाने के लिए भरी सब्सिडी देती है ताकि आपका डीजल पंप का खर्चा बच सके।
- कॉम्पोनेन्ट C:(पुराने पम्प का कायाकल्प): अगर आपके पास पहले से ही बिजली वाला पंप है, तो उसे सोलर से जोड़ दिया जाता है। आप उस सोलर से खेती करे और जो बिजली बच जाए उसे ग्रिड को बेचकर पैसे भी कमा सकते है।
- केंद्र की मदद: इसमें 30% सब्सिडी के रूप मे केंद्र मदद करता है।
- राज्य सरकार: इसमें राज्य सरकार भी 30% सब्सिडी के रूप मे मदद करती है।
- बैंक लोन: इसमें 30% तक बैंक आसानी से लोन कर देता है।
- किसान का हिस्सा: इस प्रकार से केवल 10% किसान का हिस्सा लगता है।
- डीजल के खर्च से मुक्ति: किसान के सिंचाई का खर्च लगभग 0 हो जाता है।
- दिन मे सिंचाई: रात मे खेतों मे पानी चलाने की समस्या खत्म हो जाती है।
- अतिरिक्त कमाई: बची हुई बिजली को बेचकर किसान सालों भर अच्छी इंकम कर सकते है।
- पर्यावरण की सुरक्षा: क्योंकि यह पूरी तरह से प्रदूषण से मुक्त है।
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- जमीन का कागज जैसे खतौनी।
- मोबाईल नंबर OTP के लिए।
