📑 Table of Contents
- ➤ प्रस्तावना
- ➤ कंप्रेस्ड बायोगैस (Compressed Biogas-CBG) क्या है
- ➤ CBG और CNG मे क्या अंतर है
- ➤ LPG बनाम CBG:कौन सा ईंधन है आपके लिए बेहतर ?
- ➤ SATAT योजना:सरकार का बड़ा कदम
- ➤ CBG का सम्मिश्रण होगा अनिवार्य
- ➤ कितना खर्च आता है और कितनी सब्सिडी मिलता है
- ➤ CBG प्लांट के लिए आवेदन और सब्सिडी अप्लाइ कैसे करे
- ➤ निष्कर्ष
- ➤ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ
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| स्वच्छ भारत और आत्मनिर्भरत भारत के लिए कम्प्रेस्ड बायोगैस -CBG |
आज के समय मे जब प्रदूषण और बढ़ती ईंधन की कीमतें पूरी दुनियां के लिए चिंता का विषय है,भारत मे 'कचरे' से 'कंचन' (Waste to Wealth)बनाने वाली तकनीक CBG (Compressed Biogas) एक गेम चेंजर साबित हो रही है। यदि आप किसान है,उद्यमी है या पर्यावरण प्रेमी है तो यह लेख आपके लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण है।
क्योंकि हो सकता है कि ये जानकारी 'आपके रसोई घर से निकलने वाला कचरा,खेतों मे जलती पराली और पशुओं के गोबर को भविष्य का "हरा सोना" बना सकता है।
भारत सरकार की SATAT योजना एक ऐसी क्रांति लेकर आई है जो, न केवल प्रदूषण को कम करेगी बल्कि कचरे से करोड़ों की कमाई का रास्ता भी खोलेगी। हम क्रमबद्ध, रूप से जानेंगे की CBG क्या है,इसे कैसे बनाया जाता है, और यदि आप इसका प्लांट लगाना चाहते है, तो सरकार आपको कितनी सब्सिडी और वित्तीय सहायता देती है।
यदि आप, अपनी ऊर्जा जरूरतों को किफायती बनाना चाहते है, या नया बिजनेस शुरू करने की सोच रहे है, तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।
कंप्रेस्ड बायोगैस (Compressed Biogas-CBG) क्या है
यह, साधारण और अशुद्ध बायोगैस का एक शुद्ध और संकुचित (Compressed) रूप है। यह प्राकृतिक गैस CNG के समान, ही काम करती है। इसका उपयोग वाहनों मे ईंधन के रूप मे भी किया जा सकता है।
1. यह कैसे बनती है:
- बायोगैस को, कृषि अपशिष्ट जैसे -पराली,गोबर,नगपालिका के ठोस कचरे और गन्ने के खुजे जैसे जैविक कचरे के एनेरोबिक पाचन (Anaerobic Digestion) द्वारा बनाया जाता है। इस प्रक्रिया मे आक्सीजन की, अनुपस्थिति में कचरा सड़ता है और गैस पैदा होता है।
2. शुद्धिकरण की प्रक्रिया:
- कच्ची बायोगैस मे मुख्य रूप से मिथेन (CH4),कार्बन डाइआक्साइड (CO2), और हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) जैसी गैसे होती है।
- सबसे पहले शुद्धिकरण करने के लिए बायोगैस से CO2, और H2S जैसी अशुद्धियों को निकाल दिया जाता है ताकि इनमे 90% से अधिक मिथेन हो।
- संपीड़न (Compression): शुद्धिकरण के बाद संपीड़न किया जाता है। शुद्ध गैस को उच्च दवाब पर गैस सिलेंडर मे भरने के लिए कम्प्रेस किया जाता है, जिसे हम CBG कहते है।
3. CBG के मुख्य लाभ:
- पर्यावरण के अनुकूल: यह, डीजल और पेट्रोल की तुलना मे बहुत कम प्रदूषण फैलाती है।
- अपशिष्ट प्रबंधन: यह कचरे की समस्या को सुलझाने और किसानों की आय बढ़ाने मे मदद करती है।
- CNG का विकल्प: इसकी, कैलोरी मान और अन्य गुण बिल्कुल CNG जैसी होती है,इसलिए इसे वाहनों मे बिना किसी बदलाव किए इस्तेमाल किया जा सकता है।
- उप-उत्पाद: इसे बनाने के बाद जो अवशेष बचता है, वह उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप मे उपयोग किया जाता है।
4. भारत मे सरकारी पहल:
- भारत सरकार SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) योजना के तहत CBG के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इसका, उदेश्य आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
CBG और CNG मे क्या अंतर है
CBG और CNG मे कुछ मूलभूत अंतर है। दोनों का प्रयोग घरेलू रसोई मे किया जा सकता है लेकिन CBG को रसोई के अलावा वाहनों और अन्य कमर्शियल प्रयोग भी किया जा सकता है। घरेलू स्तर पर प्रयोग के आधार पर इन दोनों मे मूल अंतर निम्न है -
- ग्रामीण बायोगैस: गाँव मे लोग गोबर गैस प्लांट से सीधे पाईप जोड़कर खाना बनाते है। यह गैस कंप्रेस्ड नहीं होती है और उसमे अशुद्धियां जैसे (CO2) आदि मौजूद रहते है।
- CBG: यह फैक्ट्री मे शुद्ध(Purify) की जाती है जिससे इसमें मिथेन की मात्रा अधिक होती है,जिससे यह ज्यादा नीली और तेज आंच के साथ जलती है।
CBG को घरेलू स्तर पर उपयोग करने के लिए मुख्य रूप से दो तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है -
- पाइपलाइन के जरिए: शहरों मे जहां गैस पाइपलाइन बिछी हुई है, वहां CBG को सीधे पाइप के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जा सकता है। इसे Bio-PNG कहा जाता है।
- सिलेंडर के जरिए:जैसे हम LPG सिलेंडर का प्रयोग करते है, वैसे ही CBG को भी विशेष सिलेंडर मे भर कर इस्तेमाल किया जा सकता है।
CBG को घरेलू उपयोग करने के बहुत ही महत्वपूर्ण फायदे है। सबसे पहला, तो यह धुआं रहित होता है जिससे रसोई मे प्रदूषण कम होता है और बर्तनों पर कालिख नहीं जमती है। दूसरा, ये कि सरकार के द्वारा SATAT योजना के तहत इसे घरेलू उपयोग के लिए किफायती बनाया जा रहा है जिससे यह LPG के मुकाबले सस्ती पड़ेगी।
तीसरा,महत्वपूर्ण फायदा यह है की ये हवा से हल्की होती है,इसलिए रिसाव होने पर ये जल्दी फैल जाती है और आग लगने का खतरा LPG जो हवा से भारी होती है उसके तुलना मे कम होती है।
CBG घरेलू उपयोग के लिए आपको अपने घर के चूल्हे मे थोड़ा सा बदलाव भी करना होता है। यदि आप सामान्य LPG चूल्हे पर CBG चलाना चाहते है तो, इसके बर्नल और नोजल मे छोटा सा बदलाव करना होता है। क्योंकि LPG और CBG के जलने के दबाव और आक्सीजन की मात्रा मे अंतर होता है।
कुल मिलाकर CBG का उपयोग घरेलू रसोई मे भी किया जा सकता है और ये प्राकृतिक गैस (PNG) एवं एलपीजी (LPG) का एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है।
LPG बनाम CBG:कौन सा ईंधन है आपके लिए बेहतर ?
यदि तुलनात्मक रूप दे अध्ययन किया जाय तो LPG की तुलना मे CBG का विकल्प बहुत ही फायदेमंद है। यदि घर पर ही छोटा सा CBG प्लांट को लगाते है तो आपका रसोई गैस का खर्चा जीरो हो सकता है। वही LPG का दाम ग्लोबल मार्केट पर निर्भर करता है जो हमेशा अस्थिर होता है।
अभी वर्तमान मे ही देख लीजिए खाड़ी देशों मे ईरान-इस्राइल-अमेरिका युद्ध फैला हुआ है जिसका प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ा है और भारत का सबसे ज्यादा प्रभावित वस्तुओ मे LPG और PNG ही है। पूरे देश मे घरेलू गैस की दिक्कत हो गई है और रेस्टूरेंट बंद होने लगे है।
जबकि CBG का दाम आपके स्थानीय कचरा और सप्लाइ प्रबंधन पर निर्भर करता है। हमलोग के देश यानी भारत में कचरा की कमी नहीं है। ये पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध है। देश मे खेती बाड़ी भी पर्याप्त मात्रा मे मौजूद है। इसलिए CBG की उपलब्धता मे कभी कमी नहीं आएगी और ये हमेशा सस्ता ही रहेगा LPG की तुलना मे।
साथ ही साथ CBG के प्रयोग से किसानों को अतिरिक्त आय भी बढ़ जाएगी और सबसे बड़ी बात ये की किसानों के लिए उच्च गुणवता वाली जैविक खाद की उपलब्धता बढ़ जाएगी। और देश आत्मनिर्भरता की ओर सुखद रूप से बढ़ने लगेगा।
बस सरकार को इसे तेजी से प्रोत्साहन देने और उद्योगों एवं लोगों को जागरूक करने की देर है।नीचे दिए गए तालिका से ये और भी स्पष्ट हो जा रही है -
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 3 जनवरी 2026 को X पर पोस्ट करके जानकारी दिया कि भारत ने 132 कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट लगा लिए है जिनकी उत्पादन क्षमता 920 टन प्रतिदिन है।इतना ही नही SATAT(किफायती परिवहन के लिए सतत विकल्प)के तहत आगे और भी क्षमता को जोड़ने पर काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि CBG कार्यक्रम में खेती के अपशिष्ट और जैविक ईंधन को स्वच्छ ईंधन में बदला जा रहा है जिससे ग्रामीण आय को सहारा भी मिल रहा है और प्रदूषण घटाने में मदद भी मिल रहा है।
SATAT योजना:सरकार का बड़ा कदम
देश में 1 अक्टूबर 2018 से "सस्टेनेबल अल्टरनेटिव टुवर्ड्स अफोर्डेबल ट्रांसपोर्टेशन (Sustainable Alternative Towards affordable Transportation - SATAT)" को शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य देश भर में कचरे और बायोमास से CBG का उत्पादन और माहौल बनाना था।साथ ही इसका उद्देश्य है कि देश में पैदा होने वाले 62 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक अपशिष्टों का उपयोग करके CBG का उत्पादन किया जाय --
- बायोगैस से हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S), कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2), और जलवाष्प को हटाकर सम्पीड़ित किया जाता है और इस प्रकार प्राप्त बायोगैस को "सम्पीड़ित बायो गैस CBG" कहा जाता है।
- इस SATAT पहल के तहत IOCL,BPCL,HPCL,GAIL और IGL जैसी तेल एवं गैस मार्केटिंग कंपनियों ने CBG की खरीद और बिक्री के लिए उद्यमियों से रुचिपत्र आमंत्रित किए है।
- दिसंबर 2025 में भारत ने तेल, गैस एवं कोल बेड मीथेन से जुड़ी 50 नईं खोज और उत्पादन संपत्तियां पेश की है जो देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में सहयोग करेगी।इन 50 ब्लाकों के बारे में पूरी ने बताया कि -
- ओपन एकरेज लाइसेंस पॉलिसी (OALP X): के तहत 25 ब्लॉक।
- डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (DSF): के तहत 9 ब्लॉक जिसमें 55 फील्ड शामिल है।
- विशेष CBM बोली: के तहत राउंड 2025 में 3 ब्लॉक और राउंड 2026 में 13 ब्लॉक की खोज की गई है।
- इस तरह कुल 50 नए E&P(अन्वेषण और उत्पादन)ब्लॉक को पेश किया गया है जिसमें "ओपन एकरेज लाइसेंस पॉलिसी" के तहत लगभग 1.83 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाले 25 ब्लॉक जिनमें कि जमीन पर होने के साथ ही गहरे पानी,उथले पानी और बेहद गहरे पानी के भी ब्लॉक शामिल है।
- इन ब्लाकों में कॉन्ट्रैक्ट अवधि के दौरान खोज एवं रॉयल्टी दरों में राहत और काम के कार्यक्रमों में लचीलापन प्रदान किया गया है।
- डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड बिड राउंड 4 में नौ कॉन्ट्रैक क्षेत्र की 55 खोजे शामिल है जिनमें गहरे पानी वाले क्षेत्रों के लिए पहले सात सालों तक शून्य रॉयल्टी और आसान पात्रता शर्तों जैसे प्रोत्साहन प्रदान किए गए है।
- कोल बेड मीथेन राउंड में भी इसी तरह की प्रोत्साहन नीति को लागू किया गया है जिनमें 2026 के राउंड में अनिवार्य ड्रिलिंग के लिए कीमत तय करने की छूट और लगत की भरपाई शामिल है।
भारत ने CBG सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है जिसका विवरण निम्न सारणी से स्पष्ट हो जाता है -
CBG का सम्मिश्रण होगा अनिवार्य
अभी तक CBG का सम्मिश्रण स्वैच्छिक रखा गया है लेकिन 2025-26 से इसे अनिवार्य किया गया है -
- वित्त वर्ष 2025-26 में कुल सीएनजी और पीएनजी खपत का 1% हिस्सा CBG का होना अनिवार्य के दिया गया है।
- वित्त वर्ष 2028-29 में इसे बढ़ाकर कुल सीएनजी और पीएनजी खपत का 5% हिस्सा CBG का होना अनिवार्य करने का लक्ष्य रखा गया है।
- भारत ने 2070 तक 0 उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है जिसे प्राप्त करने में CBG महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- ईंधन सम्मिश्रण से विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी क्योंकि ईंधन आयात बिल में कमी आयेगी।
मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह भी बताया कि "ऑयलफील्ड (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) संशोधन अधिनियम 2025" और "PNG नियम 2025" ने मिलकर इस सेक्टर में काम करने को आसान बनाने और एक सामान नियामकीय ढांचा को पेश करने का काम किया है।
कितना खर्च आता है और कितनी सब्सिडी मिलता है
कंप्रेस्ड बायोगैस के खर्चे को हम दो नजरियों से देख सकते है -पहला उपभोक्ता(User) के रूप मे और दूसरा बिजनेस (Plant Setup) के रूप मे।
1. उपभोक्ता के लिए खर्चा (Domestic Use): अगर आप अपने घर मे खाना पकाने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहते है तो इसके लिए दो विकल्प है -
- छोटे बायोगैस प्लांट की स्थापना: इसमें आप घर के कचरे या गोबर से गैस बना सकते है। इस पोर्टेबल प्लांट (2-4 क्यूबिक मीटर) को घर पर स्थापना करने मे आपको 20,000 से 45,000 तक का खर्चा आ सकता है।
- सब्सिडी: इस छोटे पोर्टेबल प्लांट की स्थापना मे आपको सरकार से लगभग 10,000 से 17,000 तक की सब्सिडी मिलती है।
- फायदा: इस अगर आप सिलेंडर या पाइपलाइन से CBG खरीदते है तो भी यह 50 से 55 रुपया प्रति किलो होती है जो CNG से 15-20 प्रतिशत कम होती है। घर पर लगाने से यह बचत हो जाती है।
2. बिजनेस के लिए खर्चा (Commercial CBG Plant): यदि आप इसे एक बिजनेस के तौर पर देख रहे है तो ये इसमे निवेश काफी बड़ा होता है और इसे SATAT योजना के तहत अप्लाइ किया जाता है। इसमे होने वाले खर्च नीचे दिए गए सारणी से स्पष्ट हो जाते है -
नोट: सरकार द्वारा नये बायो गैस पर जो सब्सिडी 4-10 करोड़ तक है यह उत्तर-पूर्वी राज्यों,पहाड़ी इलाकों(उत्तराखंड,हिमाचल प्रदेश आदि) और पंजीकृत गौशालाओं के लिए 20% अधिक सब्सिडी का प्रवधान है।
जहां तक घर पर CBG प्लांट लगाने से LPG का लगने वाला खर्चा शून्य हो जाता है वही कॉमर्शियल CBG प्लांट लगाने से आप न केवल गैस बेचकर कमाते है बल्कि जो जैविक खाद (Organic Manure) बचती है,उसे बेचकर भी अच्छी आय (जिसकी कीमत करीब 3,000 टन प्रति रुपये से 5,000 टन प्रति रुपये है) कर सकते है।
आपके लिए ये फायदेमंद और भी इसलिए हो जाता है कि सरकार 100% गैस खरीदने की गारंटी देती है। और साथ मे बैंकों से 70% लोन आसानी से मिल जाती है।
CBG प्लांट के लिए आवेदन और सब्सिडी अप्लाई कैसे करे
भारत सरकार कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) और बायोगैस प्लांट लगाने के लिए भारी सब्सिडी (Central Financial Assistance - CFA) देती है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) इसे राष्ट्रीय "बायोऊर्जा कार्यक्रम 2021-2026" के तहत संचालित कर रहा है।
सब्सिडी पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन BioURJA (https://biourja.mnre.gov.in)पोर्टल के माध्यम से करना होता है और प्लांट लगाने से पहले मंत्रालय की सैद्धांतिक सहमति लेनी होती है। पूरी सब्सिडी तब मिलती है जब प्लांट चालू होने के कम से कम 3 महीने तक अपनी 80% क्षमता पर काम करे। जबकि 50-80% क्षमता पर प्रो-राटा (Pro-Rata) आधार पर सब्सिडी मिलती है।
सब्सिडी आवेदन की चरण-दर-चरण प्रक्रिया -
स्टेप: 1. प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करना
- सबसे पहले आपको विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (Details Project Report) तैयार करनी होगी। इसमें जमीन का विवरण,कचरे की उपलब्धता,गैस उत्पादन की क्षमता और तकनीक की जानकारी होनी चाहिए।
- भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल BioURJA (biourja.mnre.gov.in) पर जाकर अपना अकाउंट बनाना होगा। यही से सारी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित होती है।
स्टेप: 3. इन-प्रिन्सपल मंजूरी
- पोर्टल पर आवेदन के बाद, मंत्रालय आपके प्रोजेक्ट की समीक्षा करता है। यदि सब कुछ सही रहा तो आपको इन-प्रिन्सपल-अप्रूवल मिल जाती है। यह मंजूरी मिलने से आप सब्सिडी मिलने के हकदार हो जाते है।
स्टेप: 4. प्लांट की स्थापना और कमीशनिंग
- इन प्रिंसिपल मंजूरी मिलने के बाद आप प्लांट लगाने का काम शुरू कर सकते है। प्लांट पूरा हो जाने के बाद आपको "कमिशनिंग रिपोर्ट"(प्लांट चालू होने के प्रमाणपत्र) पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
स्टेप: 5. निरीक्षण और सत्यापन
- प्लांट चालू होने के बाद सरकार द्वारा नियुक्त एक निरीक्षण टीम आपके प्लांट का दौरा करेगी। ये टीम चेक करेगी की आपका प्लांट तय मानकों के अनुसार काम कर रहा है की नहीं।
स्टेप: 6. सब्सिडी का भुगतान
- निरीक्षण रिपोर्ट सफल हो जाने के बाद, सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते मे या बैंक लोन खाते मे ट्रांसफर कर दी जाती है। आमतौर पर ये दो किस्तों मे होती है - पहला:पहली किस्त प्लांट चालू होने और निरीक्षण के बाद और दूसरा:दूसरी किस्त एक निश्चित समय जैसे 6 माह या एक साल तक प्लांट के सफल संचालन के बाद।
जरूरी दस्तावेज (Required Documents)
आपको पूरी सब्सिडी प्रक्रिया से गुजरने के लिए निम्न जरूरी दस्तावेज होने चाहिए -
- KYC: आधार और पैन व्यक्तिगत और या फार्म दोनों के।
- Land: जमीन का दस्तावेज,स्वामित्व या कम से कम 15-20 साल का लीज।
- Bank: बैंक लोन अप्रूवल और अन्य बैंक डॉक्युमेंट्स।
- NOC: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र।
- Agreements: गैर-खरीद समझौता यदि आपने तेल कंपनियों से गैस बेचने का कान्ट्रैक्ट कर लिया है।
नोट:आप और अधिक जानकारी के लिए MNRE की आधिकारिक वेबसाइट और BioURJA पोर्टल को नियमित रूप से चेक करते रहे, क्योंकि सब्सिडी की दरें और नियम हमेशा समय समय पर अपडेट होते रहते है।
निष्कर्ष
निष्कर्षतः कम्प्रेस्ड बायोगैस (Compressed Biogas CBG) केवल एक वैकल्पिक ईंधन नहीं है,बल्कि यह एक "स्वच्छ और आत्मनिर्भर भारत" की दिशा मे यह एक क्रांतिकारी कदम है। जहां एक ओर हमारे पर्यावरण को कार्बन उत्सर्जन और कचरे के ढेर से मुक्ति दिलाता है,वही दूसरी ओर किसानों और नए उद्यमियों के लिए आय का एक नया रास्ता और असीमित अवसर खोलता है।
सरकार की SATAT योजना और भारी सब्सिडी ने इस तकनीक को हर किसी की पहुंच मे ला दिया है। चाहे आप अपने घर के कचरे से रसोई घर गैस बनाना चाहे या एक बड़ा कमर्शियल प्लांट लगाकर देश की ऊर्जा सुरक्षा योजना मे योगदान देना, ये योजना सबसे उत्तम है।
याद रखिए, आज का हमारा एक छोटा सा कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या बायोगैस और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) एक ही होते हैं? ▼
उत्तर: नहीं, कच्ची बायोगैस में अशुद्धियाँ होती हैं। CBG बायोगैस का शुद्ध और कंप्रेस्ड रूप है जिसमें 90% से अधिक मीथेन होती है।
प्रश्न 2: क्या मैं अपनी CNG कार में CBG भरवा सकता हूँ? ▼
उत्तर: हाँ, CBG के गुण CNG जैसे ही होते हैं, इसलिए बिना किसी बदलाव के उपयोग कर सकते हैं।
प्रश्न 3: CBG प्लांट के लिए कितनी जमीन चाहिए? ▼
उत्तर: 1.5 से 3 एकड़ जमीन मध्यम प्लांट के लिए पर्याप्त होती है।
प्रश्न 4: क्या सरकार लोन देती है? ▼
उत्तर: हाँ, बैंक 70–80% तक लोन देते हैं।
प्रश्न 5: CBG प्लांट से और क्या मिलता है? ▼
उत्तर: जैविक खाद मिलती है जो खेती में उपयोगी होती है।
प्रश्न 6: क्या घरेलू बायोगैस प्लांट सुरक्षित है? ▼
उत्तर: हाँ, यह सुरक्षित होता है और कम दबाव पर काम करता है।
प्रश्न 7: सब्सिडी के लिए कहाँ आवेदन करें? ▼
उत्तर: BioURJA पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

Achhi jankari
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